सेशल्स के राष्ट्रपति बने बिहार के रामकलावान, पेशे से रह चुके हैं पुजारी

बिहार के वेवेल रामकलवान सेशल्स के राष्ट्रपति चुने गए हैं.
बिहार के वेवेल रामकलवान सेशल्स के राष्ट्रपति चुने गए हैं.

सेशेल्‍स (Seychelles) में एक बिहारी (Bihari) के हाथों में सत्ता आई है. जी हां, भारतीय मूल के वेवेल रामकलावान (Wavel Ramkalawan) सेशल्स के राष्टपति ( President) चुने गए हैं. रामकलावान सेशेल्‍स की विपक्षी पार्टी के नेता हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:32 PM IST
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विक्‍टोरिया. बिहार में एक ओर विधानसभा चुनाव के तहत आज प्रथम चरण का मतदान संपन्न हुआ. वहीं इससे इतर सेशेल्‍स (Seychelles President) में एक बिहारी (Bihar People) के हाथों में सत्ता आई है. जी हां, भारतीय मूल के वेवेल रामकलावान (Wavel Ramkalawan) सेशल्स के राष्टपति चुने गए हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामकलावान को बधाई दी और कहा कि यह प्रजातंत्र की जीत है.

सेशेल्‍स की विपक्षी पार्टी के नेता हैं रामकलवान

रामकलवान सेशेल्‍स की विपक्षी पार्टी के नेता हैं. सत्‍ताधारी यूनाइटेड सेशेल्‍स पार्टी को सत्‍ता से बाहर निकालने में 43 साल का समय लग गया. सेशल्स को 1977 में आजादी मिली और तब से ही यहां यूनाटेड सेशेल्‍स पार्टी की सत्ता थी. रामकलावान ने अपने प्रतिद्वंदी डैनी फोरे को जोरदार तरीके से हार का स्वाद चखाया. तीन दिनों तक चली वोटिंग के तहत 74,634 योग्‍य वोटर्स में से 88 प्रतिशत से ज्‍यादा मतदाताओं ने अपने वोट डाले. उन्होंने साल 1998, 2001, 2006 के चुनावों में अपनी पार्टी का नेतृत्व किया. इन सभी चुनावों में वह विपक्ष का हिस्सा बने रहे. वर्तमान चुनाव में उन्होंने 54.9 फीसदी वोट हासिल किए हैं.



पढ़ाई पूरी करने के बाद पुजारी बन गए
रामकलावान पेशे से एक पुजारी हैं. वेवल रामकलवान के दादा बिहार के गोपालगंज से आकर सेशेल्स में बसे थे. वेवल रामकलावान का जन्म सेशेल्स के माहे में हुआ था. उनके दादा भारत में बिहार के गोपालगंज के रहने वाले थे. रामकलावान ने स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई सेशेल्स में ही पूरी की थी. इसके बाद वे धार्मिक अध्ययन की पढ़ाई के लिए मॉरीशस चले गए. पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पुजारी बन गए.

समझौतों में किए जाएंगे संशोधन

वर्ष 2015 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्‍स की यात्रा पर गए थे तब उन्‍होंने कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे. अब रामकलावान के राष्ट्रपति बनने के बाद संशोधन की उम्मीद जताई जा रही है. यह विशेष रूप से इसलिए है क्योंकि अगले संसदीय चुनाव होने पर नए राष्ट्रपति को व्यापक रूप से राजनीतिक रूप से मजबूत होने की उम्मीद है. सेशेल्‍स की मीडिया के मुताबिक विपक्ष के नेता के तौर पर रामकलवान ने हमेशा से वातावरण से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए देश की जमीन की रक्षा की बात कही है.

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भारत यहां पर एक द्वीप पर नेवी के लिए बेस तैयार करना चाहता है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस वर्ष मार्च में सेशेल्‍स में अपने तत्‍कालीन समकक्ष बैरी फॉरे से बात भी की थी. लेकिन विपक्ष ने इस पर रोड़ा अटका दिया था. फौरे ने साफ कर दिया था कि संसद की मंजूरी के बिना वह इस पर सहमति नहीं दे सकते हैं. रामकलवान जो अब देश के राष्‍ट्रपति हैं, उन्‍होंने तब विरोध करते हुए कहा था कि सेशल्स द्वीप जो कि यूनेस्‍को की वर्ल्‍ड हैरिटेज साइट का हिस्‍सा है, यहां पर विशाल कछुओं की सबसे बड़ी आबादी है.
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