डोनाल्ड ट्रंप को दी जा रही है Remdesivir दवा, 11 दिन में ठीक हो रहे हैं कोरोना मरीज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. (File Photo)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. (File Photo)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. उनका वाल्टर रीड आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा है. ट्रंप को प्रायोगिक इबोला ड्रग रेमडेसिवीर दवा (Remdesivir) की खुराक दी जा रही है.

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  • Last Updated: October 5, 2020, 4:30 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. उनका वाल्टर रीड आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा है. ट्रंप को प्रायोगिक इबोला ड्रग रेमडेसिवीर दवा (Experimental Ebola drug Remdesivir) की खुराक दी जा रही है. इस दवा के बारे में यह बताया जाता है कि यह कोरोना के मरीज को 11 दिन में ठीक होने में मदद करता है. अमेरिका में रेमडेसिवीर दवा का कोरोना मरीजों पर अच्छा परिणाम देखने को मिला है. चिकित्सा विशेषज्ञ रेमडेसिवीर को इबोला वायरस के खिलाफ सबसे पहले टेस्ट किए गए इस एंटीवायरल दवा को पॉजिटिव तरीके से देख रहे हैं.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन (National Institutes of Health) ने पाया कि रेमेडेसिविर की खुराक जिन लोगों को दी गई उन्हें औसतन 11 दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इस दवा से कोरोना के मरीज औसतन चार दिन पहले ठीक हो रहे हैं. एफडीए ने गिलियड साइंसेज इंक (Gilead Sciences Inc) द्वारा बेची जा रही है इस एंटीवायरल दवा का आपातकालीन उपयोग करने की इजाजत दे दी है.

इस दवा से औसतन चार दिन पहले ठीक हो रहे हैं मरीज



वैज्ञानिकों के मुताबिक अमेरिकी फार्मा कंपनी गिलियड की बनाई गई रेमडेसिवीर दवा वैसे तो कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए नहीं बनाया गया है. हालांकि इस दवा का फायदा मरीजों को हो रहा है. इस दवा के साइड इफेक्ट पर अभी रिसर्च भी किया जाना बाकी है. इससे पहले जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुतबिक गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर इसका इस्तेमाल काफी फायदेमंद साबित हो रहा है.
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एफडीए ने इस साल की एक मई को इस दवा के इजाजत दे दी थी. एनआईएच ने इससे पहले अप्रैल के अंत में इस दवा के इस्तेमाल पर एक अध्ययन जारी किया था. इस रिसर्च के अनुसार यह दवा रेमडेसिवीर तुलनात्मक रूप से 31 फीसदी तेज गति से दुरुस्त करने में मदद पहुंचाता है. यह दवा वायरस को एक मरीज के शरीर में खुद को कॉपी करने से रोकने का काम करता है, इसलिए यह आगे नहीं फैल सकता है लेकिन वैज्ञानिकों ने अभी तक इसका पता नहीं लगाया है, यह कैसे संभव हो पाता है? राष्ट्रपति को अस्पताल में भर्ती होने से पहले रेजेनरोन की एक प्रायोगिक प्रतिरक्षी दवा भी दी गई थी.

चीन में इस दवा के इस्तेमाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं

सिर्फ अमेरिका ही नहीं दुनियाभर के कई अस्पतालों में इसका इलाज चल रहा है. हालांकि इस दवा का पहले चीन में गंभीर रूप से बीमार मरीजों पर इस्तेमाल हुआ था, जिसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. अब इसका नया ट्रायल अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीजेस की तरफ से किया गया. ट्रंप के सलाहकार अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एंथनी फॉकी ने तेजी से दिखने वाले सुधार को ‘अच्छी खबर’ बताया है.
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