चीनी वैज्ञानिकों का 24 तरह के 'कोरोना वायरस' ढूंढ़ने का दावा, बोले- चार तो बिल्कुल कोविड-19 जैसे

शान्डोंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, "अलग-अलग प्रजाति के चमगादड़ों से हमने 24 तरह के नोवेल कोरोना वायरस इकट्ठा किए हैं, इनमें चार वायरस SARS-CoV-2 जैसे हैं." फाइल फोटो

Coronavirus: चीनी शोधकर्ताओं के मुताबिक एक वायरस जेनेटिक तौर पर SARS-CoV-2 से बहुत मिलता जुलता है. SARS-CoV-2 ही वो कोरोना वायरस है, जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है.

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    वॉशिंगटन. कोरोना वायरस कहां से आया? इसका पता लगाने के लिए एक बार फिर से जांच की मांग उठने लगी है. इस बीच चीन के शोधकर्ताओं ने चमगादड़ों में एक नए प्रकार के कोरोना वायरस का पता लगाने का दावा किया है. सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि नए खोजे गए कोरोना वायरस की प्रजाति जेनेटिक तौर पर कोविड-19 वायरस के काफी करीब हो सकती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि दक्षिण पश्चिम चीन में कोरोना वायरस की नई खोज से पता चलता है कि चमगादड़ों में कई प्रकार के कोरोना वायरस हो सकते हैं, जो इंसानों को भी संक्रमित कर सकते हैं.

    Cell जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में शान्डोंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, "अलग-अलग प्रजाति के चमगादड़ों से हमने 24 तरह के नोवेल कोरोना वायरस इकट्ठा किए हैं, इनमें चार वायरस SARS-CoV-2 जैसे हैं." ये सैंपल मई 2019 से नवंबर 2020 के बीच छोटे जंगलों में रहने वाले चमगादड़ों से इकट्ठा किए गए हैं. शोधकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने चमगादड़ों के पेशाब और मल की जांच के साथ मुंह के स्वैब के सैंपल भी लिए हैं.

    चीनी शोधकर्ताओं के मुताबिक एक वायरस जेनेटिक तौर पर SARS-CoV-2 से बहुत मिलता जुलता है. SARS-CoV-2 ही वो कोरोना वायरस है, जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. उन्होंने कहा, "ये स्पाइक प्रोटीन को छोड़कर कोविड-19 से बहुत मिलता जुलता है, इसका स्ट्रक्चर भी वैसा ही है, जोकि कोशिकाओं से जुड़ने के लिए वायरस में आमतौर पर देखा जाता है."

    शोध पत्र में चीनी शोधकर्ताओं ने लिखा है, "जून 2020 में थाईलैंड में मिले सार्स-कोव-2 वायरस को मिलाकर ये परिणाम साबित करते हैं कि चमगादड़ों में कोरोना वायरस का फैलाव बहुत ही ज्यादा और सघन है. इससे यह भी पता चलता है कि कुछ इलाकों में कोरोना वायरस के फैलने की आवृत्ति बहुत ज्यादा हो सकती है." कोरोना वायरस के नए प्रकारों की खोज उस समय सामने आई है, जब पूरी दुनिया में कोविड-19 की उत्पत्ति के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुवाई में नए सिरे से जांच की मांग हो रही है.

    अमेरिका सहित जी7 के देशों ने इस बारे में जांच की मांग तेज कर दी है. चीन के वुहान शहर में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने के 1.5 साल बाद भी ये पता नहीं चल पाया है कि वायरस आया कहां से? वैज्ञानिक यह भी मांग कर रहे हैं कि वुहान लैब से कोरोना के लीक होने के दावों पर भी आगे जांच की जाएं और सत्यता का पता लगाया जाए.

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