क्या आपने देखा है दुनिया का सबसे पहला जीरो

News18Hindi
Updated: September 16, 2017, 12:48 PM IST
क्या आपने देखा है दुनिया का सबसे पहला जीरो
प्रतीकात्मक फोटो- getty
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Updated: September 16, 2017, 12:48 PM IST
ज़ीरो गणित की दुनिया की सबसे बड़ी खोज है. हालांकि आमतौर पर हम जब हम किसी शख्स को कहते हैं कि वो जीरो है तो उसके मायने होते हैं कि उसे कुछ नहीं आता-जाता या कहें कि वो ज़िंदगी के हर पहलू में असफल है. लेकिन ज़ीरो का महत्व इसी से पता चलता है कि आम लेनदेन से लेकर अंतरिक्ष में यान भेजने तक कुछ भी ज़ीरो के बिना संभव न हो पाता.

माना जाता है कि ज़ीरो यानी शून्य की खोज ब्रह्मगुप्त ने की थी लेकिन एक हालिया रिसर्च में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि ज़ीरो की खोज ब्रह्मगुप्त से 500 साल पहले ही हो चुकी थी.

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फोटो साभार- डॉन


पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अखबार डॉन के मुताबिक वैज्ञानिकों को बक्खशाली लिपि में लिखे एक भोजपत्र पर कुछ डॉट्स मिले हैं. इस भोजपत्र पर गणितीय गणनाएं की गई हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार ये डॉट्स ज़ीरो हैं. ये भोजपत्र वैज्ञानिकों को पाकिस्तान के पेशावर में स्थित एक गांव बक्खशाली में 1881 ईसवीं में मिला था. बाद में इसे वहां से लाकर 1902 में ऑक्सफोर्ड के बॉडलेन लाइब्रेरी में रखा गया. कार्बन डेटिंग से पता लगा कि यह ईसा से 300 सदी पुराना भोजपत्र है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दुनिया का सबसे पहला ज़ीरो है. इस पूरे भोजपत्र पर लगभग इस तरह के लगभग सौ डॉट्स हैं.

भारत में ज़ीरो के प्रमाण ग्वालियर के एक मंदिर की दीवारों पर मिलते हैं. ऐसा नहीं है कि ज़ीरो का प्रयोग सिर्फ भारतीय उपमहाद्वीप में ही किया जाता रहा है. माया व बेबीलोनिया सभ्यता के लोग भी इससे पहले ज़ीरो का प्रयोग करते रहे हैं लेकिन भारत ज़ीरो के लिए जिस डॉट का प्रयोग करता रहा है वही ज़ीरो बदलकर आज का ज़ीरो हो गया है.
First published: September 16, 2017
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