Suez Canal Logjam: न क्रेन, न टगबोट, स्वेज नहर से एवरगिवेन जहाज को बाहर निकालने में काम आया 'चौदहवीं का चांद'- रिपोर्ट

सेटेलाइट से ली गई तस्वीर (फोटो- AP)

Suez Canal Blockage: पिछले एक हफ्ते से स्वेज नहर में जहाज अटकने से कम से कम 367 जहाज फंस गए थे. इन जहाजों पर क्रूड से लेकर मवेशियों के खाने तक का सामान भेजा जा रहा था.

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    स्वेज (मिस्र). स्वेज नगर (Suez Canal) में करीब सप्ताह भर से फंसे एक मालवाहक जहाज को सोमवार शाम सफलतापूर्वक निकाल लिया गया. करीब 400 मीटर लंबे और 59 मीटर चौड़े इस जहाज को निकालना इंजीनियर्स के लिए मुश्किल चुनौती थी. लेकिन कहा जा रहा है कि क्रेंस और टग बोट के अलावा चौदहवीं के चांद (Super Moon) ने इस भारी भरकम जहाज को कैनाल से बाहर निकालने में मदद की. एशिया और यूरोप के बीच माल लेकर जाने वाला, पनामा के ध्वज वाला ‘द एवर गिवेन’ (Ever Given) जहाज स्वेज़ शहर के नजदीक पिछले मंगलवार को नहर में फंस गया था. इस नहर से दुनिया का करीब 10 प्रतिशत व्यापार होता है.

    पिछले हफ्ते इस जहाज के फंसने के बाद दुनिया के तमाम बड़े इंजीनियर्स की चिंता बढ़ गई थी. दरअसल जहाज के फंसने बाद इसे बाहर निकालने की कोशिशें लगातार की जा रही थीं. लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही थी. ये जहाज बड़े पत्थर के बीच फंस गया था. कहा जा रहा है कि करीब 950000 क्यूबिक फिट रेत ने इसे 60 फीट पानी के अंदर धकेल दिया था. ऐसे में इंजीनियर्स को जब क्रेन और टगबोट से इसे बाहर निकालने में कामयाबी नहीं मिली तो इन सबने पूर्णिमा की रात का इंतज़ार करना शुरू कर दिया.

    सुपरमून से कैसे निकला जहाज?
    पृथ्वी का चक्कर लगाने के दौरान एक वक्त ऐसा आता है, जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है. पृथ्वी से ज्यादा नजदीक होने की वजह से चंद्रमा इस दौरान बहुत बड़ा और चमकीला दिखाई देता है. इसी को सुपरमून कहते हैं. इस दौरान गुरुत्वाकर्षण के चलते पानी में हाई टाइड बढ़ जाती है. जिसके चलते पानी का स्तर एक से डेढ़ फीट बढ़ जाता है. इसे स्प्रिंग टाइड भी कहते हैं. ऐसा महीने में दो बार होता है. कुछ ऐसा ही स्वेज कैनाल में भी हुआ. पानी का लेवल बढ़ने से ये जहाज़ ऊपर की तरफ अपने आप आने लगा. लिहाजा इंजीनियर्स को इसे खींचने में मदद मिल गई.

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    कैसे फंसा था जहाज?
    पिछले एक हफ्ते से स्वेज नहर में जहाज अटकने से कम से कम 367 जहाज फंस गए थे. इन जहाजों पर क्रूड से लेकर मवेशियों के खाने तक का सामान भेजा जा रहा था. एमवी एवर गिवेन जहाज दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज है. ये घटना उस वक्त हुई जब 120 मील लंबी नहर के किनारे पर तेज हवाओं की वजह से रेत का गुबार उठा. ये जलमार्ग संकरा है. तेज हवाओं के चलते क्रू ने जहाज पर नियंत्रण खो दिया और रेतीले किनारे पर पहुंच गया.

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