इस मुस्लिम देश में अदालतों की तीसरी आधिकारिक भाषा होगी हिंदी

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा प्रवासी लोग हैं.

फर्स्टपोस्ट.कॉम
Updated: February 10, 2019, 4:59 PM IST
इस मुस्लिम देश में अदालतों की तीसरी आधिकारिक भाषा होगी हिंदी
प्रतीकात्मक तस्वीर
फर्स्टपोस्ट.कॉम
Updated: February 10, 2019, 4:59 PM IST
एक ऐतिहासिक फैसले में अबू धाबी ने हिंदी को अपनी अदालतों में इस्तेमाल की जाने वाली तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल किया है. ये अरबी और अंग्रेजी के साथ-साथ न्याय तक लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए की गई पहल का हिस्सा है.

शनिवार को अबू धाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष बयान देने वालों को एक अतिरिक्त भाषा देकर सहूलियत पहुंचाई है. इसका मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है.



सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय भारतीय लोगों का

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा प्रवासी लोग हैं. संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय लोगों की संख्या 26 लाख है, जो देश की कुल आबादी का 30 फीसदी है और यह देश का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय भी है.
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एडीजेडी के अपर सचिव युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि दावा शीट, शिकायतों और अनुरोधों के लिए की भाषाएं लागू करने का मकसद ,प्लान 2021 की तर्ज पर न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना है. मुकदमे की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना भी इस कदम का मुख्य मकसद है.

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