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रूस ने यूरोप के लिए रोकी गैस सप्लाई, इन देशों में भीषण ऊर्जा संकट गहराया

यूरोपीय सरकारों को डर है कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रतिशोध में आउटेज का विस्तार कर सकता है. (AP)

यूरोपीय सरकारों को डर है कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रतिशोध में आउटेज का विस्तार कर सकता है. (AP)

Russia Halted Gas Supply: रूस दुनिया भर में तेल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. इससे पहले अमेरिका और सऊदी अरब का नंबर है ...अधिक पढ़ें

मॉस्को. यूक्रेन के साथ 6 महीने से जारी जंग (Russia-Ukraine War) के बीच रूस ने बड़ा कड़ा फैसला लिया है. रूस ने यूरोपीय देशों को गैस की सप्लाई (Russia Halted Gas Supply) रोक दी है. इसके बाद यूरोप के दर्जनों देशों के भीषण ऊर्जा संकट में फंसने की आशंका बढ़ गई है. यूरोपीय गैस ऑपरेटर नेटवर्क ENTSOG ने बुधवार को कहा, ‘नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन के माध्यम से यूरोप में गैस की डिलीवरी रोक दी गई है.’ इससे पहले रूसी ऊर्जा दिग्गज गजप्रोम ने कहा था, ‘मेंटेनेंस के काम के लिए तीन दिनों के लिए डिलीवरी बंद रहेगी. जिससे पहले से ही बिजली के बाजार में तनाव बढ़ जाएगा.’

रॉयटर्स और बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राज्य ऊर्जा दिग्गज गज़प्रोम ने कहा, ‘नॉर्ड स्ट्रीम 1 पर रखरखाव के लिए आउटेज रहेगा. इसका मतलब है कि आज सुबह 2 बजे से शुक्रवार को 2 बजे के बीच जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में कोई गैस प्रवाहित नहीं होगी. नॉर्ड स्ट्रीम 1 ऑपरेटर की वेबसाइट के डेटा ने 5 बजे से 6 बजे के बीच गैस का जीरो पर प्रवाह दिखाया है. पिछले कई घंटों से पाइपलाइन से गैस की सप्लाई नहीं की जा रही है.’ रूस पहले ही इस पाइपलाइन के ज़रिए केवल 20 फीसदी गैस की सप्लाई ही यूरोप को कर रहा है. रूस ने खराब उपकरणों को इसकी वजह बताया है.

क्या रूस की प्राकृतिक गैस के बिना रह सकता है यूरोप?

यूरोपीय सरकारों को डर है कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रतिशोध में आउटेज का विस्तार कर सकता है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर गैस को युद्ध के हथियार के रूप में ऊर्जा आपूर्ति का उपयोग करने का आरोप लगाया है. हालांकि, मॉस्को ऐसा करने से इनकार करता है.

रूस से कौन-कौन से यूरोपीय देश लेते हैं गैस?
रूस सबसे ज्यादा जर्मनी को गैस सप्लाई करता है. इसके बाद इटली, बेलारूस, तुर्की, नीदरलैंड, हंगरी, कजाखस्तान, बुल्गारिया, डेनमार्क, फिनलैंड और पोलैंड का नंबर है. गैस की आपूर्ति पूरी तरह से काट दी है. अन्य पाइपलाइनों के माध्यम से प्रवाह को कम कर दिया है, जिसे मॉस्को ने यूक्रेन में “विशेष सैन्य अभियान” कहा है. रूस एशिया से चीन और जापान को भी गैस की सप्लाई करता है. अगर यूरोप को रूस की ओर से होने वाली गैस सप्लाई बंद हो जाएगी तो इटली और जर्मनी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि ये दोनों देश सबसे ज्यादा गैस आयात करते हैं.

ब्रिटेन जरूरत का सिर्फ 5% गैस ही रूस से आयात करता है और अमेरिका रूस से बिल्कुल भी गैस आयात नहीं करता है. पोलैंड का गैस भंडार 76% भरा है, लेकिन बुल्गारिया के पास सिर्फ 17% गैस ही बची है. सिमोन टैगलीपिएट्रा कहते हैं कि ये कुछ दिनों का मसला नहीं है. समस्या अगली सर्दियों में होगी, इसलिए रिजर्व को दोबारा भरने की जरूरत है.

पेरिस में ऊर्जा मंत्री ने भुगतान पर एक अलग विवाद के संबंध में कहा कि गज़प्रोम अपने फ्रांसीसी ठेकेदार को प्राकृतिक गैस वितरण बंद करने के लिए सिर्फ एक बहाना का उपयोग कर रहा है. वहीं, रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “इस बात की गारंटी है कि प्रतिबंधों के कारण होने वाली तकनीकी समस्याओं के अलावा, आपूर्ति में कुछ भी हस्तक्षेप नहीं करता है.”

गैस और तेल सप्लाई रोकने पर यूरोप में मंदी आने का खतरा
रूसी नेचुरल गैस के बिना यूरोप की इकोनॉमी काफी प्रभावित हो सकती है. इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन से देश इसका कितना इस्तेमाल करते हैं. इस बीच कई देश रूस का विकल्प भी देख रहे हैं. अमेरिका ने इस साल के आखिर तक यूरोप को अतिरिक्त 15 अरब क्यूबिक मीटर लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) देने को तैयार है. इसके बावजूद 2030 तक हर साल 50 अरब क्यूबिक मीटर अतिरिक्त गैस सप्लाई की जरूरत होगी. यूरोप एनर्जी के अन्य स्रोतों के इस्तेमाल को भी बढ़ा सकता है, लेकिन ऐसा करने में समय लगेगा और ये उतना आसान भी नहीं है.

Tags: Europe, Gas Sector, Russia ukraine war, Vladimir Putin

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