जहाज को बंधक बनाते समय इस भारतीय कप्‍तान के साथ की गई थी बर्बरता

जिब्राल्टर के अधिकारियों ने चार जुलाई को रॉयल मरीन की मदद से ईरान के 'ग्रेस 1' टैंकर को बंधक बना लिया था.

News18Hindi
Updated: July 30, 2019, 11:26 PM IST
जहाज को बंधक बनाते समय इस भारतीय कप्‍तान के साथ की गई थी बर्बरता
जिब्राल्टर के अधिकारियों ने चार जुलाई को रॉयल मरीन की मदद से ईरान के 'ग्रेस 1' टैंकर को बंधक बना लिया था.
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Updated: July 30, 2019, 11:26 PM IST
ईरानी जहाज के भारतीय कप्तान ने कहा कि ब्रिटिश सैनिकों ने जब उनके (ईरानी) जहाज को बंधक बनाया तब उन्होंने 'बर्बर' व्यवहार किया था. इस महीने की शुरुआत में रॉयल मरीन ने ईरानी जहाज को बंधक बना लिया था.

मीडिया में मंगलवार को आयी खबर के अनुसार जिब्राल्टर के अधिकारियों ने चार जुलाई को रॉयल मरीन की मदद से ईरान के 'ग्रेस 1' टैंकर को बंधक बना लिया था. क्योंकि उन्हें संदेह था कि वह जहाज यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर दो लाख बैरल से अधिक का कच्चा तेल सीरिया ले जा रहा था.

जहाज के सेलिंग (नौकायन) मास्टर और मुख्य अधिकारी दोनों भारतीय थे. उन्हें भी यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें 'सशर्त जमानत' दे दी गयी.

भारतीय कप्तान ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि हेलीकॉप्टर से जहाज पर उतरने के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने बंदूक का भय दिखाकर उनके निहत्थे चालक दल के सदस्यों को जहाज के डेक पर घुटनों के बल बैठाए रखा.

उसने बीबीसी को बताया कि उसने खुद को कप्तान बताया लेकिन मरीन ने इसकी अनदेखी की और बजाय इसके उन्होंने उन पर बंदूकें तान दीं और उन पर चिल्लाते हुए कहा, 'आगे देखो, आगे देखो'. उन्होंने बताया, 'कोई नियम नहीं था, हम 28 निहत्थे चालक दल के सदस्य थे. मैं स्तब्ध था, हर कोई स्तब्ध था.'

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First published: July 30, 2019, 11:26 PM IST
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