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परमाणु परीक्षण के लिए फ्रांस के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में शिकायत दर्जः पॉलीनेशियाई नेता

भाषा
Updated: October 10, 2018, 11:55 AM IST
परमाणु परीक्षण के लिए फ्रांस के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में शिकायत दर्जः पॉलीनेशियाई नेता
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

फ्रांस का यह समुद्री क्षेत्र अपने टूरिस्ट आइलैंड ताहिती के लिए काफी मशहूर है. यहां की आबादी करीब 2,90,000 है.

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दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित आइलैंड फ्रेंच पॉलीनेशिया के एक विपक्षी नेता ने बताया कि फ्रांस के खिलाफ हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई है. यह शिकायत दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में किए गए परमाणु परीक्षणों के कारण मानवता के खिलाफ कथित अपराधों आधार पर की गई है.

फ्रांसीसी द्वीपसमूह के पूर्व राष्ट्रपति ऑस्कर तेमारू ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा, ‘‘हमने अत्यंत जिम्मेदारी और दृढ़ता की भावना से मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए दो अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत में शिकायत दाखिल की है.’’

संयुक्त राष्ट्र की एक समिति द्वारा उपनिवेशों को स्वतंत्र कराने के विषय पर चर्चा करने के दौरान फ्रांसीसी द्वीपसमूह के बारे में तेमारू ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य हमारे देश के खिलाफ किए गए परमाणु परीक्षणों के लिए फ्रांस के सभी जीवित राष्ट्रपतियों को जवाबदेह ठहराना है. इस तरह हम उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगे, जिनकी एटॉमिक उपनिवेशवाद के कारण जान चली गयी.’’

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फ्रांस का यह समुद्री क्षेत्र अपने टूरिस्ट आइलैंड ताहिती के लिए काफी मशहूर है. यहां की आबादी करीब 2,90,000 है. इसके मुरुरोआ और फंगातौफा द्वीपों में तीन दशक के दौरान 193 परमाणु परीक्षण किए गए थे. इसके बाद 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति जैक शिराक ने अपने कार्यक्रम को समाप्त कर दिया था.

1960 से 1996 के बीच फ्रेंच पॉलीनेशिया समेत कुल 210 परमाणु परीक्षण किए गए थे जिनमें अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में भी परीक्षण किए गए.

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First published: October 10, 2018, 11:55 AM IST
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