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COVID-19: कोरोना के खिलाफ वैक्सीन की बूस्टर डोज कितनी मददगार? इजरायली स्टडी में खुलासा

इजरायल ने 30 जुलाई 2021 से अपने लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज देनी शुरू कर दी थी. (सांकेतिक तस्वीर)

इजरायल ने 30 जुलाई 2021 से अपने लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज देनी शुरू कर दी थी. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Booster Shot: इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने अध्ययन में कहा कि समय के साथ बुजुर्ग लोगों में प्रतिरोधक क् ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. इजरायल (Israel) में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि फाइजर (Pfizer) की वैक्सीन के बूस्टर डोज (Booster Shot) से इम्युनिटी को मजबूत बनाने और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों में संक्रमण के चलते गंभीर बीमारी को टालने में अच्छी खासी मदद मिली है. बता दें कि अमेरिका और अन्य देशों ने कोरोना के बहुत ज्यादा संक्रामक डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) के चलते अपने लोगों को वैक्सीन की बूस्टर डोज देने का फैसला किया है. बता दें कि अमेरिका की बाइडन सरकार ने सभी अमेरिकी नागरिकों के लिए बूस्टर शॉट का ऐलान किया है. अमेरिका के अलावा कनाडा, फ्रांस और जर्मनी ने भी अपने लोगों को बूस्टर शॉट देने की घोषणा की है.

    इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि वैक्सीन की तीसरी डोज के बाद 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में प्रतिरोधक क्षमता पिछली दो डोज के मुकाबले 4 गुना ज्यादा पाई गई है. साथ ही तीसरे डोज के 10 दिन बाद गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति को देखते हुए 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में पांच से 6 गुना ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता पाई गई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग कोरोना के सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं. पिछले साल दिसंबर में शुरू हुए टीकाकरण अभियान में इजरायल ने सबसे तेजी से अपने नागरिकों की एक बड़ी आबादी का टीकाकरण किया है.

    इजरायल में डेल्टा वैरिएंट संक्रमण के खिलाफ लोगों को बूस्टर डोज देने के काम में लगी मकाबी हेल्थ सर्विसेज ने भी पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट में ऐसा ही दावा किया था. मकाबी हेल्थ सर्विसेज ने बीते बुधवार को कहा था कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में बूस्टर शॉट के बाद संक्रमण के खतरे को 86 फीसदी तक कम करने में मदद मिली है, जबकि गंभीर इंफेक्शन के खिलाफ बूस्टर शॉट 92 फीसदी तक प्रभावी है. बता दें कि फाइजर और मॉडर्ना ने भी अपने-अपने अध्ययन में बूस्टर शॉट के बाद प्रतिरोधक क्षमता के कई गुना बढ़ जाने की बात कही है.

    इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने अध्ययन में कहा कि समय के साथ बुजुर्ग लोगों में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, ऐसा नौजवानों में भी देखने को मिला है. अध्ययन के मुताबिक इजरायल में टीकाकरण करवाने लोगों में गंभीर तौर पर बीमार पड़ने वालों की उम्र आमतौर पर 60 साल से ज्यादा थी और इन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां भी थीं.

    बता दें कि इजरायल ने 30 जुलाई 2021 से अपने लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज देनी शुरू कर दी थी. इसके साथ ही बूस्टर शॉट के लिए उम्र सीमा को 40 साल कर दिया गया है, लेकिन 40 साल से कम आयु वाली गर्भवती महिलाएं, शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मी भी बूस्टर शॉट ले सकते हैं. वैक्सीन की तीसरी खुराक उन्हीं लोगों को दी जा रही है, जिन्होंने दूसरी खुराक पांच महीने पहले ली हो.

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    जून 2021 के बाद इजरायल कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से जूझ रहा है. इजरायल की 93 लाख आबादी में से तकरीबन 15 लाख लोगों को वैक्सीन की तीसरी खुराक मिल गई है. इजरायल विश्व का पहला देश है, जिसने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अपने नागरिकों की एक बड़ी आबादी का टीकाकरण कर लिया है.

    Tags: Coronavirus, COVID 19, Covid 19 vaccination, Covid-19 Booster Shot, Delta Variant, Israel, Moderna, Pfizer

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