ICJ में पाकिस्तान को झटका, कुलभूषण जाधव का केस स्थगित करने की मांग खारिज

पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कहा, 'कुलभूषण जाधव फर्जी पासपोर्ट के साथ कैसे यात्रा कर रहा था? भारत ने इसपर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है.'

News18Hindi
Updated: February 21, 2019, 12:29 PM IST
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Updated: February 21, 2019, 12:29 PM IST
इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में  मंगलवार को पाकिस्तान की कुलभूषण जाधव केस को स्थगित करने की मांग को खारिज कर दिया है. जाधव मामले में मंगलवार को पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने पाकिस्तान का पक्ष रखा. खान ने आईसीजे में दलील दी कि जाधव भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के अधिकारी हैं और रॉ ने उन्हें बलूचिस्तान में हमला करवाने के लिए भेजा था. अब आईसीजे कोर्ट के माध्यम से भारत जाधव की रिहाई चाहता है.

खान ने यह भी आरोप लगाया कि 2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल में हुए हमले में भारत का हाथ था. इंटरनेशनल कोर्ट में बुधवार को दोबारा भारत अपना बयान दर्ज कराएगा.

पाकिस्तान ने कहा, 'कोर्ट के सामने जो सबूत पेश किए गए हैं, वे बताते हैं कि अधिकारों का दुरुपयोग हो रहा है. भारत यहां इसलिए आया था कि सुनवाई के बिना ही उसका उद्देश्य सिद्ध हो जाए. भारत को लगता था कि पाकिस्तान यहां नहीं आएगा और वे किसी भी हाल में कुलभूषण यादव की रिहाई चाहते हैं.'



पाकिस्तान ने दावा किया कि जाधव का कबूलनामा 'बेहद विश्वसनीय' है. पाकिस्तान के वकील खानवार कुरैशी ने कहा, 'हमें भारत को धन्यवाद देना चाहिए कि वह इनलिगल कंडक्ट के कानून को सपष्ट करने में मदद करना चाहता है. लेकिन जासूसी के आरोप सही हैं और इसपर भारत की स्थिति निराशाजनक है. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पासपोर्ट के मामले पर भी भारत का रुख निराशाजनक था.' दरअसल, पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी ने इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव केस को स्थगित करने की मांग की. जिसे आईसीजे ने खारिज कर दिया है.

पाकिस्तान के वकील कुरैशी ने दावा किया, 'इंटरनेशनल कोर्ट के सामने भारत द्वारा दी गई दलील तर्कहीन है.' खावर कुरैशी ने कहा, 'इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि भारत ने कुलभूषण जाधव का इस्तेमाल पाकिस्तान में आतंक और तबाही मचाने के लिए किया है.'

पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कहा, 'कुलभूषण जाधव फर्जी पासपोर्ट के साथ कैसे यात्रा कर रहा था? भारत ने इसपर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है.' अटॉर्नी जनरल खान ने कहा, 'जाधव का अपहरण ईरान से किया गया, यह हास्यास्पद है.' पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कहा, 'जाधव अभी रिटायर नहीं हुआ था.' कुरैशी के हवाले से उन्होंने कहा, 'भारत हर बार सच्चाई को मोड़ने का काम करता है.' इसपर इंटरनेशनल कोर्ट के जज ने कहा, 'मैं आपका पक्ष भी सुन रहा हूं. उचित समय आने पर कोर्ट जवाब देगी.'

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अनवर मंसूर खान ने कहा, '1947 के बाद से भारत ने पाकिस्तान को नष्ट करने के लिए कई नीतियां अपनाई है. भारत ने सिंधु जल संधि का भी उल्लंघन किया था. हमने मानवीय आधार पर जाधव के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति दी. मैं भारत से पूछना चाहता हूं कि क्या उसने कभी किसी गिरफ्तार जासूस के साथ ऐसा रवैया किया है.'

अनवर मंसूर खान ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा, 'जाधव ने कई स्थानीय और बाहरी लोगों के साथ मिलकर पाकिस्तान में अशांति फैलाने का काम किया था. उसने चीन और पाकिस्तान के इकोनॉमिक कॉरिडोर में भी बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की. जोकि पाकिस्तान में विकास लाएगा. उन्होंने किसी व्यक्ति के कहने पर ऐसा नहीं किया, बल्कि इसके पीछे कोई राष्ट्र है.'

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पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान की तरफ से कहा, 'आईसीजे में भारत याचिका इस बात का साफ उदाहरण है कि भारत पाकिस्तान को नीचा दिखाने के लिए पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करता है. मैं खुद भी भारत की क्रूरता का शिकार हुआ हूं. पाकिस्तान के युवा आर्मी ऑफिसर के तौर पर मैं भारत में युद्ध बंदी के तौर पर रह चुका हूं. भारत ने हमेशा जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन किया है. 2014 में पेशावर स्कूल में हुए हमले में हमने 140 बच्चे खो दिए, इस हमले को भारत ने अफगानिस्तान के जरिए प्रायोजित किया था.'

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