कोरोना वायरस से इंग्लैंड में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में शामिल है भारतीय समुदाय

कोरोना वायरस से इंग्लैंड में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में शामिल है भारतीय समुदाय
ब्रिटेन में मरने वालों में 3 प्रतिशत लोग भारतीय मूल के

ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से मरने वाले 13,918 रोगियों में 16.2 प्रतिशत मरीज अश्वेत समुदाय, एशियाई और अल्पसंख्यक जातीय (बीएएमई) पृष्ठभूमि के थे जिनमें भारतीय मूल के लोगों की संख्या 3 प्रतिशत है.

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लंदन. ब्रिटेन (Britain) में भारतीय समुदाय कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाले समूहों में शामिल है. इंग्लैंड के अस्पतालों में कोविड-19 (COVID-19) की वजह से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी सामने आई है. ब्रिटेन सरकार ने बीएएमई आबादी के बीच कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की समीक्षा जारी की है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) इंग्लैंड द्वारा इस सप्ताह जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि 17 अप्रैल तक अस्पतालों में कोरोना वायरस से मरने वाले 13,918 रोगियों में 16.2 प्रतिशत मरीज अश्वेत समुदाय, एशियाई और अल्पसंख्यक जातीय (बीएएमई) पृष्ठभूमि के थे जिनमें भारतीय मूल के लोगों की संख्या 3 प्रतिशत है. इसके बाद कैरीबियाई समुदाय दूसरा सबसे बड़े प्रभावित जातीय समूह है. कोविड-19 से मरने वाले लोगों की कुल संख्या में इस समूह की संख्या 2.9 प्रतिशत है. इसके बाद पाकिस्तानी लोगों की संख्या है, जो 2.1 प्रतिशत है.

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने पिछले हफ्ते समीक्षा जारी करते हुए कहा, 'बहुत ज्यादा अनुपात में अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि के लोगों की मौत हुई है जिसने वास्तव में मुझे चिंता में डाल दिया है.' बीएएमई समूहों के लोगों की मौतों का अनुपात उनकी कुल आबादी के अनुपात की तुलना में बहुत अधिक है. इन समूहों की आबादी कुल आबादी की लगभग 13 प्रतिशत है.



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ब्रिटेन में बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ खास इलाकों में लॉकडाउन (lockdown) को लेकर ज्यादा सख्ती दिखाई जा सकती है. द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के मंत्रियों ने थोड़ा रुककर देखने की नीति अपनाई है. ब्रिटेन की सरकार इस दौरान वायरस के संक्रमण पर निगाह रखेगी. ब्रिटिश सरकार के शीर्ष नेतृत्व के हवाले से कहा जा रहा है कि प्रतिबंधों में जल्दी राहत नहीं दी जा सकती. प्रतिबंधों में छूट के लिए लंबी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. हो सकता है कि इस साल की गर्मियां निकल जाएं, सर्दियां आ जाएं.

मई के बाद प्रतिबंधों का नया फेज शुरू हो सकता है
10 डाउनिंग स्ट्रीट की तरफ से कहा गया है कि लॉकडाउन से निकलने के प्लान को फिलहाल बैन किया गया है. अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि फिलहाल 3 हफ्तों तक जो सामने आएगा उसी के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा. हो सकता है कि 7 मई के बाद प्रतिबंधों का नया फेज शुरू हो जाए.

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First published: April 23, 2020, 11:52 AM IST
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