ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने ट्रंप को बताया 'मानसिक रूप से कमजोर'

रूहानी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में कहा कि खामेनेई के खिलाफ प्रतिबंध विफल हो जाएंगे.

News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 3:38 PM IST
ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने ट्रंप को बताया 'मानसिक रूप से कमजोर'
रूहानी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में कहा कि खामेनेई के खिलाफ प्रतिबंध विफल हो जाएंगे.
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Updated: June 25, 2019, 3:38 PM IST
ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई पर संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंधों को खारिज कर दिया. उन्होंने व्हाइट हाउस को 'मानसिक रूप से कमजोर' बताया. ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में पहले भी यही कहा था.

रूहानी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में कहा कि अली खामेनेई के खिलाफ प्रतिबंध विफल हो जाएंगे क्योंकि उनकी विदेश में कोई संपत्ति नहीं है. रूहानी ने नए अमेरिकी प्रतिबंधों को उनकी हताशा का संकेत बताया. रूहानी ने कहा, 'व्हाइट हाउस की कार्रवाई का मतलब है कि यह मानसिक रूप से कमजोर है. तेहरान के रणनीतिक धैर्य का मतलब यह नहीं है कि हमें डरे हुए हैं.'

बताते चलें कि कुछ दिन पहले ईरान ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था. ड्रोन को गिराए जाने से भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का आदेश दे दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने यह आदेश वापस भी ले लिया था.

कैसे शुरू हुआ विवाद

13 जून को अमेरिका के दो तेल टैंकरों में आग लगने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान को दोषी ठहराया था. इससे पहले भी अमेरिका ने पिछले महीने इस रणनीतिक समुद्री इलाके में ऐसे ही हमलों को लेकर इस्लामिक गणराज्य की तरफ उंगली उठाई थी. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के हवाले से विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिकी सरकार का मानना है कि खाड़ी में हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है. खुफिया जानकारी के मुताबिक, हमले में इस्तेमाल हथियारों को देखकर पता चलता है कि हमला ईरान से ही किया गया है.

परमाणु समझौते को लेकर तनाव
हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ा है. पिछले साल अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था. अमेरिका ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन करने का आरोप लगाता रहा है.
 

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