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'दुश्‍मन' ईरान के लिए इज़रायल ने बढ़ाया मदद का हाथ

भाषा
Updated: November 15, 2017, 7:25 PM IST
'दुश्‍मन' ईरान के लिए इज़रायल ने बढ़ाया मदद का हाथ
'दुश्‍मन' ईरान के लिए इज़रायल ने बढ़ाया मदद का हाथ (image source: news18)
भाषा
Updated: November 15, 2017, 7:25 PM IST
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान में सप्ताहांत में आए भीषण भूकंप के पीड़ितों को मदद देने की पेशकश करते हुए कहा है कि दोनों देशों की सरकारों के बीच शत्रुता के कारण मानवीय सहानुभूति समाप्त नहीं होती.

जूइश फेडरेशंस ऑफ नॉर्थ अमेरिका के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में रखा गया ये प्रस्ताव मुख्य रूप से बयानबाजी था. ईरान यहूदी देश को मान्यता नहीं देता है और इज़रायली मीडिया ने बताया कि इस पेशकश को ठुकरा दिया गया.

ये ऐसे समय में हुआ है जब भूकंप के कारण बेघर हुए लाखों लोगों ने इस्लामिक शासन पर गुस्सा जताया है. उनका कहना है कि वर्ष 1979 की क्रांति के बाद स्थापित धर्मार्थ संगठनों की प्रतिक्रिया धीमी रही है. नेतन्याहू ने लॉस एंजिलिस में एक बैठक में कहा, 'मैंने मलबे के भीतर दबे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की दुखदायी तस्वीरें देखीं.'

उन्होंने कहा, 'कुछ घंटों पहले मैंने कहा था कि हम इस आपदा के इराकी और ईरानी पीड़ितों के लिए रेड क्रॉस चिकित्सीय सहायता की पेशकश करते हैं.' नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने कई बार कहा है कि हमारा ईरान के लोगों से कोई झगड़ा नहीं है. हमारा झगड़ा केवल उस अत्याचारी शासन से है जो उन्हें बंदी बना कर रखता है और हमें नष्ट करने की धमकी देता है, लेकिन हमारी मानवता उनकी नफ़रत से अधिक है.'

ईरान-इराक की सीमा पर गत रविवार को आए भूकंप के कारण 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं.
First published: November 15, 2017
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