फ्रांस के एक चर्च में हुई सामूहिक प्रार्थना कैसे बन गई कोरोना टाइम बम ? 3 हज़ार से पार हुआ मौत का आंकड़ा

फ्रांस के  एक चर्च में हुई सामूहिक प्रार्थना कैसे बन गई कोरोना टाइम बम ? 3 हज़ार से पार हुआ मौत का आंकड़ा
फ्रांस में कोरोनावायरस के संक्रमण के फैलने की बड़ी वजह चर्च में हुई सामूहिक प्रार्थना निकली जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे (प्रतीकात्मक फोटो)

पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के संक्रमण से फ्रांस में 418 मौतें outbreakहो चुकी हैं जो कि एक दिन में रिकॉर्ड सबसे ज्यादा हैं

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कोरोनावायरस (Corona Virus) का कहर दुनिया में अपने चरम पर है. चीन (China) के बाद इसके संक्रमण का अमेरिका (America) और यूरोप (Europe) बुरी तरह शिकार हुए हैं. अमेरिका, इटली (Italy) और ब्रिटेन (Britain) की तरह फ्रांस (France) में हालात बेकाबू हो चले हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के संक्रमण से फ्रांस में 418 मौतें हो चुकी हैं जो कि एक दिन में रिकॉर्ड सबसे ज्यादा हैं. फ्रांस में अब तक कोरोनावायरस के संक्रमण से 3024 मौतें हो चुकी हैं जबकि 44550 लोग संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस के एक शहर के चर्च में हुए धार्मिक जलसे को कोरोनावायरस के कहर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है.

फ्रांस के उत्तरी शहर म्यूलहाउस के एक प्रतिष्ठित चर्च में हर साल एक हफ्ते तक धार्मिक आयोजन होता है. इस धार्मिक आयोजन में दुनियाभर से श्रद्धालु जुटते हैं और सामूहिक प्रार्थना का हिस्सा बनते हैं. इस साल भी 18 फरवरी को चर्च में हुए आयोजन में दुनिया से हजारों लोग शामिल हुए. लगभग पांच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु यूरोप, लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी देश से आए थे. इस महा आयोजन में हजारों लोगों ने सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा लिया. माना जा रहा है कि चर्च में इकट्ठी हुई भीड़ ही बाद में ‘कोरोना टाइम बम’ बन कर देश में अलग-अलग हिस्सों में फूट रही है.

इस बात के पुख्ता सबूत मिले कि म्यूलहाउस के चर्च में सामूहिक प्रार्थना में शामिल होने के लिए हज़ारों किमी दूर से आई भीड़ में कोई न कोई कोरोनावायरस से संक्रमित था. उसी संक्रमित शख्स के जरिए संक्रमण की चेन बनती चली गई जो कि फ्रांस से बाहर दूसरे देशों तक भी पहुंच गई. स्थानीय प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रार्थना में शामिल होने वालों की वजह से संक्रमण फ्रांस के न्यूक्लियर प्लांट से लेकर ऑटोमेकर वर्कशॉप तक पहुंच गया तो वहीं पश्चिमी अफ्रीकी देश और लैटिन अमेरिकी देश भी पहुंचा.



रॉयटर्स के मुताबिक चर्च के अधिकारियों का कहना है कि आयोजन में शामिल हुए लोगों में 17 लोगों की मौत कोरोनावायरस के संक्रमण की वजह से हुई है. वहीं संक्रमित हुए 2500 लोगों का लिंक भी चर्च से निकला.   दरअसल 29 फरवरी को जब कोरोना पॉज़िटिव का पहला मामला सामने आया तो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का कनेक्शन चर्च की प्रेयर से निकला. जिसके बाद स्थानीय हेल्थ डिपार्टमेंट को अहसास हुआ कि कोविड 19 को समझने में गलती हो गई. फ्रांस की नेशनल पब्लिक हेल्थ की डॉ. मिशेल वर्ने कहती हैं कि ‘हमें लगा कि हमारे सामने टाइम बम रखा है.’



अब संक्रमण को रोकने के लिए फ्रांस सरकार सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवा रही है. लेकिन जब ये संक्रमण फ्रांस से दूर था तब पूरे फ्रांस में कोरोनावायरस से संक्रमण को रोकने के लिए कोई गाईडलाइंस नहीं थी और न ही सरकार ने किसी तरह की ऐहतियात बरतने की अपील जनता से की थी. हालांकि संभावित खतरे को जर्मनी ने तुरंत समझ लिया था और फ्रांस से सटी सीमा को तुरंत ही बंद कर दिया था. अब तक दुनिया में 40735 मौतें हो चुकी हैं जबकि तकरीबन 9 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में फ्रांस में बढ़ता मौत का आंकड़ा गंभीर इशारा करता है.
First published: March 31, 2020, 11:15 PM IST
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