UN महासचिव ने सू ची से रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी सुनिश्चित करने को कहा

भाषा
Updated: November 14, 2017, 9:30 PM IST
UN महासचिव ने सू ची से रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी सुनिश्चित करने को कहा
UN महासचिव ने सू ची से रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी सुनिश्चित करने को कहा (AP)
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Updated: November 14, 2017, 9:30 PM IST
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मंगलवार को म्यांमार की नेता आंग सान सू ची से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वो हज़ारों मुस्लिम शरणार्थियों की गरिमामय वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं. दरअसल ये लोग अपने खिलाफ हिंसा होने पर बांग्लादेश पलायन कर गए हैं.

आसियान शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने भी सू ची से मुलाकात की और रखाइन प्रांत में मानवीय संकट पर चर्चा की.

म्यांमार की 'स्टेट काउंसलर' के साथ अपनी बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने विस्थापित मुसलमानों की वापसी की इजाज़त देने की ज़रूरत का ज़िक्र किया, जो पड़ोसी देश बांग्लादेश भाग गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सोमवार को हुई एक बैठक में भी रोहिंग्या मुद्दे का ज़िक्र हुआ. संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में कहा है कि महासचिव और स्टेट काउंसलर ने रखाइन प्रांत की स्थिति के बारे में चर्चा की. महासचिव ने इस बात का ज़िक्र किया कि मानवीय सहायता, सुरक्षित, गरिमामय और स्वैच्छिक वापसी तथा समुदायों के बीच वास्तविक सुलह सुनिश्चित करने के लिए पुरज़ोर कोशिशें की जाने की ज़रूरत है.

गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर हिंसा के बाद अगस्त से छह लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार के बौद्ध धर्म बहुल रखाइन प्रांत से बांग्लादेश पलायन कर गए हैं.

गुतारेस ने आसियान-संयुक्त राष्ट्र बैठक में भी रोहिंग्या मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि इस लंबी त्रासदी में और क्षेत्र में अस्थिरता के संभावित स्रोत में चिंताजनक वृद्धि हुई है. फिलीपीन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता हैरी रोक के मुताबिक आसियान सम्म्मेलन में रोहिंग्या मुद्दा उठा.

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'म्यांमार ने ख़ासतौर पर कहा कि वो कोफी अन्नान रिपोर्ट पर गौर करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है.' संकट के हल के लिए पूर्व संयुक्त राष्ट्र प्रमुख अन्नान की रिपोर्ट में शरणार्थियों की नागरिकता के सत्यापन और अधिकार एवं समानता को सुनिश्चित करने की सिलसिलेवार सिफारिश की गई है.
First published: November 14, 2017
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