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म्यांमार : नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची को भ्रष्टाचार के आरोप में 6 साल की जेल

म्यांमार : नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची को भ्रष्टाचार के आरोप में 6 साल की जेल

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू ची सैन्य शासन की अवहेलना करने के लिए पहले ही कई वर्ष नजरबंदी में बिता चुकी हैं. (फाइल फोटो)

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू ची सैन्य शासन की अवहेलना करने के लिए पहले ही कई वर्ष नजरबंदी में बिता चुकी हैं. (फाइल फोटो)

Aung San Suu Kyi News : एक फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी और सू ची तथा म्यांमार के कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था. सू ची की पार्टी ने पिछले आम चुनाव में भारी जीत हासिल की थी, लेकिन सेना का कहना है कि चुनाव में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई.

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बैंकॉक. सेना शासित म्यांमार की एक अदालत ने सोमवार को देश की अपदस्थ नेता आंग सान सू ची को भ्रष्टाचार के चार और मामलों में दोषी ठहराया तथा उन्हें अतिरिक्त छह साल कैद की सजा सुनाई. एक विधि अधिकारी ने यह जानकारी दी. सुनवाई बंद कमरे में हुई और सू ची के वकीलों को कार्यवाही के बारे में जानकारी का खुलासा करने से रोक दिया गया. अदालत ने सोमवार को संबंधित चार अतिरिक्त मामलों में फैसला किया.

सू ची पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सार्वजनिक भूमि को बाजार मूल्य से कम पर किराए पर देने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया तथा धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए मिली दान राशि से एक घर का निर्माण किया. उन्हें चार मामलों में से प्रत्येक में तीन-तीन साल की सजा मिली, लेकिन इनमें से तीन मामलों में सजा एक साथ चलेगी. इस तरह उन्हें अतिरिक्त छह साल तक जेल में रहना होगा.

सू ची ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और उनके वकील फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं. सेना द्वारा उनकी निर्वाचित सरकार को हटाए जाने और फरवरी 2021 में उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद सू ची को पहले ही देशद्रोह, भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में 11 साल कैद की सजा सुनाई जा चुकी है. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सू ची सैन्य शासन की अवहेलना करने के लिए पहले ही कई वर्ष नजरबंदी में बिता चुकी हैं.

गौरतलब है कि एक फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी और सू ची तथा म्यांमार के कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था. सू ची की पार्टी ने पिछले आम चुनाव में भारी जीत हासिल की थी, लेकिन सेना का कहना है कि चुनाव में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई. एक निगरानी समूह के अनुसार, सेना के देश की बागडोर अपने हाथ में लेने के बाद देशभर में हुए प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सेना के भीषण बल प्रयोग से करीब 1800 लोगों की मौत हुई है.

Tags: Aung San Suu Kyi, Myanmar

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