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myanmar far from democracy military government extends emergency by 6 months

म्यांमार में अभी नहीं बहाल होगा लोकतंत्र, सैन्य सरकार ने आपातकाल 6 महीने बढ़ाया

एक आर्मी परेड के दौरान मिन आंग हलिंग (Image: REUTERS)

एक आर्मी परेड के दौरान मिन आंग हलिंग (Image: REUTERS)

म्यांमार की सेना ने एक साल पहले यह कहते हुए तख्तापलट किया था कि वर्ष 2020 में हुए चुनावों में आंग सान सू ने बड़े स्तर पर हेराफेरी की थी. तब से सेना सरकार को चला रही है.

हाइलाइट्स

म्यांमार की सेना ने सरकार पर 1 फरवरी 2021 से कब्ज़ा जमा रखा है
तख्तापलट के बाद से ही पूर्व प्रधामंत्री आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था
सेना ने सैकड़ों प्रो डेमोक्रेसी कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया है

नायपीडॉ. म्यांमार की जुंता (सैन्य) सरकार (Junta Government) देश में चल रहे राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) को छह महीने के लिए बढ़ाने जा रही है. सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि आर्मी जनरल मिन आंग हलिंग ने कहा कि सेना की राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा परिषद के सर्वसम्मति से समर्थन के बाद आपातकाल को आगे बढ़ाया जा रहा है.

सरकारी अख़बार ग्लोबल न्यू लाइट के मुताबिक मिन आंग हलिंग ने बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को जारी रखने की बात कही है. हलिंग ने कहा कि देश में वास्तविक और अनुशासित बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना जारी रखना चाहिए, जो कि लोगों की इच्छा भी है. गौरतलब है कि आपातकाल को आगे बढ़ाने की घोषणा आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi) की पार्टी के एक पूर्व विधायक और एक प्रमुख कार्यकर्ता सहित चार कैदियों को फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद की गई है.

म्यांमार: राजनीतिक कैदियों को फांसी की सजा पर घिरी सैन्य सरकार, दुनिया भर में निंदा

चारों को क्रूर और अमानवीय आतंकी कृत्यों के आरोपों में फांसी की सजा मिली है. चारों को जेल की तय प्रक्रिया के तहत ही फांसी पर लटकाया जाएगा. हालांकि कब और कहां सजा दी जाएगी, इसके बारे में नहीं बताया गया है. देश में तख्तापलट के बाद से म्यांमार की सेना के विरुद्ध कई देशों ने वैश्विक प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है.

जुंता सरकार द्वारा फांसी की सजा देने के फैसले के बाद से वैश्विक स्तर पर कई देश म्यांमार की निंदा कर चुके हैं. म्यांमार की सेना लोकतंत्र की मांग करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पहले ही जेल में डाले जाने के कारण विवादों में रही है. अब फांसी की सजा के फैसले पर संयुक्त राष्ट्र ने भी विरोध दर्ज कराया है. फांसी के फैसले को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जीवन, स्वतंत्रता और व्यक्ति की सुरक्षा के अधिकार का घोर उल्लंघन करार दिया है.

Tags: Aung San Suu Kyi, Myanmar military coup

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