15 फरवरी तक गिरफ्त में ही रहेंगी आंग सान सू ची, म्यांमार की सेना ने किया था सत्ता से बेदखल

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट (फाइल फोटो)

Myanmar Coup: आंग सान सू ची के ऊपर अवैध तौर पर आयातित रेडियो रखने का आरोप है और इसी वजह से वह 15 फरवरी तक गिरफ्त में रहेंगी.

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    यांगून. म्यांमार की पुलिस ने अपदस्थ नेता आंग सान सू ची पर अपने आवास में अवैध तरीके से आयातित कई वाकी-टॉकी रखने का आरोप लगाया है. सू ची की पार्टी के सदस्यों ने उन्हें 15 फरवरी तक हिरासत में रखे जाने की आशंका जतायी है. सेना ने सोमवार को तख्तापलट करते हुए सू ची समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया था. उसी दिन नई संसद के सत्र की शुरुआत होने वाली थी.


    सू ची की पार्टी के नेताओं ने कहा है कि वह अपने आवास से बाहर नहीं निकली हैं और उन्हें नजरबंद कर दिया गया है. आरोपों के तहत सू ची पर अधिकतम दो साल जेल की सजा हो सकती है. आरोपपत्र में कहा गया कि सू ची के अंगरक्षक गैरपंजीकृत वाकी टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे. नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के प्रवक्ता क्यी टो ने अपने फेसबुक पेज पर आरोपों की पुष्टि की.



    उन्होंने कहा कि देश के अपदस्थ राष्ट्रपति विन मिंट पर प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. एनएलडी के एक सांसद फ्यो जायेर थाव ने भी आरोपों की पुष्टि की. आरोपों को लेकर राजधानी नेपीता में पुलिस और अदालत के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया. लोकतंत्र की दिशा में प्रगति कर रहे म्यांमार के लिए तख्तापलट एक स्याह पहलू है और इसने रेखांकित किया कि सैन्य जनरलों का इस देश में कितना ज्यादा दखल है.


    उल्लेखनीय है कि म्यांमार में सेना ने 1 फरवरी को तख्तापलट किया और देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. मीडिया की खबरों के अनुसार, सेना के स्वामित्व वाले टेलीविजन चैनल ‘मयावाडी टीवी’ पर सोमवार सुबह यह घोषणा की गई कि सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.