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तो क्या सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में नहीं पाया गया ओमिक्रॉन वेरिएंट? नई रिसर्च में हुआ खुलासा

तो क्या सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में नहीं पाया गया ओमिक्रॉन वेरिएंट? नई रिसर्च में हुआ खुलासा

नोवा स्कोटिया के खराब पानी में सबसे पहले ओमिक्रॉन की पहचान की थी. (File Photo)

नोवा स्कोटिया के खराब पानी में सबसे पहले ओमिक्रॉन की पहचान की थी. (File Photo)

Coronavirus Omicron Variant: कनाडा की डलहौजी यूनिवर्सिटी के अनुसार, कोरोना वायरस का ये प्रकार सांस की नली की तुलना में पेट और आंतों में अधिक समय तक जीवित रहता है, जिसका मतलब है कि मानव अपशिष्ट में आनुवंशिक सामग्री की पहचान की जा सकती है, इस तथ्य के बावजूद कि कोविड-19 सांस बीमारी है.

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    नई दिल्ली. पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के मामलों (Coronavirus) के चलते एक बार फिर से खौफनाक स्थिति बनती दिख रही है. दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले पाए गए संक्रमण के इस प्रकार के चलते तमाम देशों में कोविड की नई लहर आ गई है. लेकिन अब पता चला है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में नहीं बल्कि कनाडा में पाया गया था. कनाडा की डलहौजी यूनिवर्सिटी की नई रीसर्च में यह बात सामने आई है. इसके मुताबिक नोवा स्कोटिया के सड़े हुए पानी में सबसे पहले ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान हुई थी.

    डलहौजी यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर वॉटर रीसोर्स स्टडीज़ के डायरेक्टर प्रोफेसर ग्राहम गैगनॉन ने कहा हमारी टीम ने नवंबर के मध्य में नोवा स्कोटिया के खराब पानी में सबसे पहले ओमिक्रॉन की पहचान की थी. उन्होंने कहा इससे हमें भविष्य की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी. नवंबर के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के पहले केस की पहचान हुई थी.

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    13 दिसंबर को, नोवा स्कोटिया में पहले मामले की पुष्टि की गई थी, और वे एंटीगोनिश में सेंट फ्रांसिस जेवियर विश्वविद्यालय में कोविड-19 महामारी से संबंधित थे.

    सांस के बजाय आंतों में जीवित रहता है ओमिक्रॉन
    विश्वविद्यालय के अनुसार, वायरस सांस की नली की तुलना में पेट और आंतों में अधिक समय तक जीवित रहता है, जिसका मतलब है कि मानव अपशिष्ट में आनुवंशिक सामग्री की पहचान की जा सकती है, इस तथ्य के बावजूद कि कोविड-19 सांस बीमारी है.

    दिसंबर 2020 से, डलहौजी टीम हैलिफ़ैक्स क्षेत्र के चार मुख्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों: हैलिफ़ैक्स, डार्टमाउथ, मिल कोव, और पूर्वी मार्ग के साथ-साथ डलहौज़ी परिसर के पांच छात्र छात्रावासों में कोविड-19 इंडिकेटर्स के लिए अपशिष्ट जल की निगरानी कर रही है.

    बता दें नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का एक चिंताजनक नया स्वरूप सामने आया, इसके सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीका समेत पूरी दुनिया में कोविड के मामलों में नाटकीय उछाल देखा जा रहा गया. डॉ सिखुलीले मोयो ने बोत्सवाना में अपनी प्रयोगशाला में कोविड-19 के नमूनों के विश्लेषण के बाद देखा कि ये नमूने दूसरों से आश्चर्यजनक रूप से अलग दिख रहे थे. ओमिक्रॉन में 50 से अधिक परिवर्तन (म्यूटेशन) हैं, और वैज्ञानिकों ने इसे वायरस के विकास में एक बड़ा उछाल कहा है.

    Tags: Canada, Coronavirus, Omicron, South africa

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