क्या मंगल ग्रह पर दिखा इंद्रधनुष? NASA ने बताई वायरल फोटो की सच्चाई

नासा ने मंगल ग्रह की ये तस्वीर ट्वीट की है.

नासा ने मंगल ग्रह की ये तस्वीर ट्वीट की है.

अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने एक ट्वीट में कहा, 'मंगल ग्रह के आसमान में दिखाई देने वाली ये इंद्रधनुषी छटा दरअसल, रोवर के कैमरे में लगे लैंस की एक रोशनी है. क्योंकि, मंगल ग्रह पर इंद्रधनुष हो ही नहीं सकता.'

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  • Last Updated: April 8, 2021, 12:23 PM IST
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न्यूयॉर्क. अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नासा (National Aeronautics and Space Administration) के मंगल ग्रह (Mars) पर भेजे गए मार्स रोवर परसिवरेंस (NASA's Perseverance Mars Rover) ने वहां के आसमान की कमाल की फोटो खींची है. इसमें मंगल के आसमान में इंद्रधनुष जैसा दिखाई दे रहा है. हालांकि, नासा ने साफ किया है ये कोई इंद्रधनुष नहीं है. इस फोटो की बात करें, तो ये 18 फरवरी को तब ली गई थी जब रोवर ने मंगल ग्रह की सतह को छुआ था. इस बात की जानकारी नासा की तरफ से एक बयान जारी कर दी गई है.

नासा ने बताया कि लाल ग्रह यानी मंगल पर इंद्रधनुष रोशनी के रिफ्लेक्‍शन और पानी की छोटी-छोटी बूंदों से बनता है, लेकिन, मंगल ग्रह पर न ही इतना पानी है और यहां पर वातावरण में तरल पानी के लिहाज से यहां काफी ठंडा है. नासा ने एक ट्वीट में कहा, 'मंगल ग्रह के आसमान में दिखाई देने वाली ये इंद्रधनुषी छटा दरअसल, रोवर के कैमरे में लगे लैंस की एक रोशनी है. क्योंकि, मंगल ग्रह पर इंद्रधनुष हो ही नहीं सकता.'





नासा ने आगे बताया, 'मंगल का वातावरण काफी सूखा है. वहां करीब 95 फीसदी तक टॉक्सिक कार्बनडाईऑक्‍साइड मौजूद है. इसके अलावा 4 फीसदी नाइट्रोजन और अरगोन है. एक प्रतिशत ऑक्‍सीजन और वाटर वेपर भी है. इस तरह से केमिकली और फिजिकली मंगल ग्रह धरती से काफी अलग है. लिहाजा वहां इंद्रधनुष की कल्पना भी नहीं की जा सकती.
नासा के सोलर सिस्‍टम एक्‍सप्‍लोरेशन के प्रोग्राम एग्‍जीक्‍यूटिव डेव लावेरी का कहना है कि तस्‍वीर में नजर आने वाले रंगों की लाइन की वजह लाल ग्रह के आसमान में छाई धूल भी हो सकती है जो सूरज की रोशनी में चमक रही है. इसमें कुछ कमाल लैंस की चमक का भी हो सकता है. उनके मुताबिक जिस वक्‍त ये तस्‍वीर ली गई उस वक्‍त रोवर उत्‍तर दिशा की तरफ था.

मार्स सोलर समय के मुताबिक उस वक्‍त दोपहर के दो बजे थे. कैमरा उस वक्‍त दक्षिण की तरफ था. इस लिहाज से ये एक बेहतर समय है, जब रोशनी की चमक रोवर के कैमरे पर पड़ सकती है. हालांकि, कुछ जानकारों का ये भी मानना है कि इस तरह की फोटो आने की एक वजह आइसबो भी हो सकती है जो लाल ग्रह (मंगल) के पोलर क्षेत्र में हैं.

बता दें कि नासा का परसिवरेंस फरवरी में लाल ग्रह के जेजीरो क्रेटर में उतरा था. इसका काम यहां जीवन की तलाश करना है. मंगल ग्रह पर भेजा गया नासा का ये 5वां रोवर है.
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