मर्द नहीं महिला है ये रूसी वेटलिफ्टर, एयरपोर्ट पर झेलनी पड़ी ऐसी फजीहत!

रूस की एक चैंपियन पावरलिफ्टर अन्ना तुराएवा की फाइल फोटो (फोटो क्रेडिट- Facebook)
रूस की एक चैंपियन पावरलिफ्टर अन्ना तुराएवा की फाइल फोटो (फोटो क्रेडिट- Facebook)

इस रूसी एथलीट (Russian Athelete) ने बताया कि जब वे एयरपोर्ट (Airport) पर सुरक्षा जांच के लिए पहुंचीं तो सुरक्षा कर्मचारियों (Securtiy personnels) ने माना कि वे एक पुरुष हैं, जो महिला होने का नाटक कर रही हैं. और इसके बाद उनकी लैंगिक पहचान (Gender identity) को स्थापित करने के लिए उससे हर तरह के निजी और अंतरंग सवाल पूछे गये.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 4:25 PM IST
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रूस (Russia) की एक चैंपियन पावरलिफ्टर (Champion Powerlifter) अन्ना तुराएवा ने हाल ही में एक दिल दुखाने वाली कहानी साझा की. इसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें हवाईअड्डे (Airport) पर सुरक्षा जांच (security check) के दौरान रोक दिया गया और कई पर्सनल सवाल किये गये ताकि यह साबित हो सके कि वे वास्तव में एक महिला हैं. छह बार की विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियन (World Powerlifting Champiion) और आठ बार की यूरोपीय पावरलिफ्टिंग चैंपियन 42 साल की तुराएवा को सेंट पीटर्सबर्ग (St. Petersburg) से अपने गृह शहर क्रास्नोडार की एक विमान की यात्रा के दौरान अपमान का अनुभव करना पड़ा.

इस रूसी एथलीट ने बताया कि जब वे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए पहुंचीं तो सुरक्षा कर्मचारियों (Securtiy personnels) ने माना कि वे एक पुरुष हैं, जो महिला होने का नाटक कर रही हैं. और इसके बाद उनकी लैंगिक पहचान (Gender identity) को स्थापित करने के लिए उससे हर तरह के निजी और अंतरंग सवाल पूछे गये. सालों तक बॉडीबिल्डिंग (Body Builder) और पावरलिफ्टिंग आदि करने के चलते अन्ना तुराएवा के शरीर का गठन काफी मर्दाना हो गया है. लेकिन वे खुद को 100% महिला (Women) मानती हैं और अपने साथ बनी ऐसी स्थिति के बाद वे एयरलाइन कर्मचारी को लगातार यह समझाने की कोशिश करती रहीं कि उसका जेंडर (fgender)00 साबित करने के लिए कहना गलत है, खासकर जब यह स्पष्ट रूप से उनके पासपोर्ट (Passport) पर लिखा है.

पर्सनल सवाल पूछकर किया गया अपमान
अन्ना तुराएवा ने अपनी पोस्ट में लिखा है, यह कहने के बावजूद कि यह मेरे पासपोर्ट पर लिखा हुआ है कि मैं एक महिला हूं, उन्होंने मुझे चेकप्वाइंट से आगे जाने देने से इंकार कर दिया. अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा है, "यह अपमानजनक था. लाइन में खड़े लोगों के सामने ही मुझे एक बच्चे की तरह डांटा भी गया. मुझसे अंतरंग सवाल पूछे गये. मुझसे पूछा गया कि जिंदगी और बेड में मेरी रुचि किनमें है." सारी लाइन इस अराजकता को देख रही थी और मैं इस परिस्थिति में खुद को बहुत ज्यादा लाचार महसूस कर रही थी.
अंतत: विमान पर सवार होने की अनुमति मिली


अन्ना ने लिखा कि उन्होंने शांतिपूर्वक और विनम्रता के साथ यह समझाने की कोशिश की कि वे औरत हैं. और बहुत सारी बहस के बाद अंतत: उन्हें विमान पर सवार होने की अनुमति दी गई. हालांकि बाद में उन्होंने यूटियर नाम की इस एयरलाइन पर जमकर गुस्सा निकाला और उनके साथ व्यवहार के दौरान जो भी गलत हुआ था, उस पर एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखी.

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एथलीट ने पोस्ट में लिखा, "मैंने अपनी पूरी जवानी मेरे देश के लिए खून और पसीना दिया, इसलिए नहीं कि मेरे साथ ऐसा व्यवहार हो." यूटियर ने भी इस मामले में माफी मांगने में देर नहीं लगाई और माना कि ऐसी सुविधा स्वीकार नहीं हो सकती. लेकिन फिर भी यूटियर की छवि को नुकसान हो चुका था.
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