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भारत-चीन सीमा गतिरोध द्विपक्षीय मामला, रूस रहेगा दूर, पश्चिमी देश बढ़ा रहे संदेह

रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने भारत-चीन सीमा गतिरोध को द्विपक्षीय मामला करार दिया. (twitter.com/AmbRus_India)

रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने भारत-चीन सीमा गतिरोध को द्विपक्षीय मामला करार दिया. (twitter.com/AmbRus_India)

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध दोनों देशों के बीच एक ‘द्विपक्षीय मामला ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा- भारत और चीन सीमा गतिरोध एक ‘द्विपक्षीय मामला.’
अलीपोव ने कहा- पश्चिमी देश भारत और चीन के बीच संदेह को बढ़ावा दे रहे हैं.
भारत को एयर डिफेंस सिस्टम S-400 की डिलीवरी समय पर देने की तैयारी है.

नई दिल्ली. भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध दोनों देशों के बीच एक ‘द्विपक्षीय मामला’ है, जिसमें रूस पड़ना नहीं चाहता है. उन्होंने इस मुद्दे पर अमेरिका की अगुवाई वाले पश्चिमी देशों पर तंज कसते हुए कहा कि वे भारत और चीन के बीच संदेह को बढ़ावा दे रहे हैं. अलीपोव ने पिछले हफ्ते उज्बेकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का हवाला देते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. राजदूत ने कहा कि पश्चिमी नेताओं ने बातचीत के उन कुछ हिस्सों को चुना जो यूक्रेन पर उनके रुख के अनुकूल थे.

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक राजदूत डेनिस अलीपोव ने एयर डिफेंस सिस्टम S-400 के बारे में कहा कि भारत को डिलीवरी समय पर देने की तैयारी है. ट्रांसपोर्ट फ्रिगेट्स के निर्माण में किसी भी देरी का यूक्रेन की जंग से कोई संबंध नहीं है. सैनिकों की आंशिक लामबंदी के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नए कदम पर उन्होंने कहा कि ‘हम अपनी सुरक्षा के लिए खड़े होने के लिए तैयार हैं, जिससे समझौता नहीं किया जा सकता है.’

उन्होंने यह भी कहा कि अगर रूस ने पाया कि जी-7 देशों द्वारा प्रस्तावित मूल्य सीमा उचित नहीं है तो वह वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बंद कर देगा. उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें अगर उचित और स्वीकार्य नहीं रहेंगी तो हम वैश्विक बाजारों और उन देशों को तेल की आपूर्ति बंद कर देंगे, जो मूल्य सीमा पर अमेरिकी पहल में शामिल होते हैं. पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का बहुत कम असर होने के कारण जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने क्रेमलिन के राजस्व को सीमित करने के लिए रूसी कच्चे और परिष्कृत तेल उत्पादों पर कीमत सीमा तय की है.

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अमेरिका ने भारत को भी मूल्य सीमा पर गठबंधन में शामिल होने के लिए कहा है. नई दिल्ली ने कहा है कि वह कोई भी फैसला लेने से पहले प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक जांच करेगा. अलीपोव ने कहा कि भारत ने अब तक इस विचार पर सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण अपनाया है. यह भारतीय हितों के लिए फायदेमंद नहीं होगा.

Tags: China, India, Russia, Russia ukraine war, S-400 Missile System

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