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दक्षिण अफ्रीका ने रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन को नहीं दी मंजूरी, HIV फैलने का है डर

दक्षिण अफ्रीका ने रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन को नहीं दी मंजूरी, HIV फैलने का है डर

स्पूतनिक वी विकसित करने वाले रूस के गमलेया सेंटर इन चिंताओं को पूरी तरह से निराधार बताया है.

स्पूतनिक वी विकसित करने वाले रूस के गमलेया सेंटर इन चिंताओं को पूरी तरह से निराधार बताया है.

साउथ अफ्रीका (South Africa) कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) से बुरी तरह प्रभावित है, तो वहीं यहां एचआईवी (HIV) से पीड़ित लोगों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है. 2022 की शुरुआत तक टीकाकरण के लिए निर्धारित 40 मिलियन में से सिर्फ एक चौथाई से अधिक को अब तक पूरी तरह से वैक्सीनेट किया गया है.

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    जोहानिसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका (South Africa)के स्वास्थ्य उत्पाद नियामक ने सोमवार को कहा कि वह रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-V (Russia’s Sputnik V)को मंजूरी नहीं देगा, क्योंकि इसे पुरुषों में एचआईवी संक्रमण (HIV infection ) का खतरा बढ़ सकता है. यह निर्णय पहले किए गए अध्ययनों पर आधारित है. अध्ययन में एडेनोवायरस (adenovirus) के संशोधित रूप की सुरक्षा का परीक्षण किया गया था, जो एक प्रकार का वायरस है. माना जा रहा है ये सांस के संक्रमण का कारण बनता है और इसे Ad5 के नाम से जाना जाता है जो रूसी जैब में निहित है.

    दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य उत्पाद नियामक प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका में स्पूतनिक वी का इस्तेमाल उच्च एचआईवी प्रसार और टीकाकरण वाले पुरुषों में एचआईवी के जोखिम को बढ़ा सकती है. यह नोट किया गया है कि दक्षिण अफ्रीका में स्पूतनिक वी के इस्तेमाल से उच्च एचआईवी प्रसार की सेटिंग में सुरक्षा प्रदान करेगा, इसे लेकर कंपनी के पास सबूत नहीं था.’

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    वहीं, स्पूतनिक वी विकसित करने वाले रूस के गमलेया सेंटर इन चिंताओं को पूरी तरह से निराधार बताया है. कंपनी ने कहा कि वह इसके संबंध में पर्याप्त डाटा उपलब्ध कराएगा. गमलेया सेंटर ने कहा, ‘एडिनोवायरस टाइप-5 वेक्टर टीके और उच्च जोखिम वाले समूहों में एचआईवी संचरण के बीच संबंध के बारे में अटकलें छोटे पैमाने पर अध्ययन पर आधारित हैं.’

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    बता दें कि साउथ अफ्रीका कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित है, तो वहीं यहां एचआईवी से पीड़ित लोगों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है. 2022 की शुरुआत तक टीकाकरण के लिए निर्धारित 40 मिलियन में से सिर्फ एक चौथाई से अधिक को अब तक पूरी तरह से वैक्सीनेट किया गया है.

    रूस ने दावा किया है कि डेल्टा कोरोना वेरिएंट (Delta Variant) के खिलाफ उसकी स्पुतनिक V (Sputnik-V) वैक्सीन 90 प्रतिशत तक कारगर है. जिस वक्त रूस ने कोरोना की वैक्सीन मार्केट में उतारी थी, तब उन्होंने दावा किया था कि ये वैक्सीन कोरोना के मूल स्ट्रेन पर 92 प्रतिशत तक प्रभावी है. मास्को ने हाल ही में अपनी वैक्सीन दूसरे देशों की सहायता के लिए देना शुरू किया है.

    Tags: Coronavirus, Covid-19 vaccine Sputnik V, Russia, South africa

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