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    कोरोनावायरस से बचने के लिए समंदर के बीच पर छिड़का ब्लीच तो मांगनी पड़ी माफी

    स्पेन में समुद्री बीच को कोरोनावायरस से बचाने के लिए ब्लीच से डिसइंफैक्ट किया गया
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
    स्पेन में समुद्री बीच को कोरोनावायरस से बचाने के लिए ब्लीच से डिसइंफैक्ट किया गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    एक रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन (Spain) के जहारा दे लॉस एट्यून्स (Zahara de los Atunes) गांव ने अपने समुद्री तट पर ब्लीच का छिड़काव किया है

    • News18Hindi
    • Last Updated: April 29, 2020, 8:03 PM IST
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    यूरोप (Europe) में स्पेन (Spain) दूसरा देश है जहां कोरोना महामारी (Corona Outbreak) का सबसे ज्यादा कहर टूटा. स्पेन में कोरोना की वजह से सरकार ने लॉकडाउन (Lockdown) जैसे कदम उठाए हैं. इसके बावजूद कोरोनावायरस के फैलते संक्रमण में कमी नहीं देखी गई. लोगों में वायरस को लेकर खौफ़ इस कदर हावी है कि अब समंदर के किनारे को भी डिसइंफैक्ट किया जा रहा है. लेकिन समुद्र के बीच (Beach) पर ब्लीच (Bleach) डालने के सरकार के कदम का पर्यावरण विशेषज्ञों ने कड़ा विरोध जताया है.

    द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन के जहारा दे लॉस एट्यून्स गांव ने अपने समुद्री तट पर ब्लीच का छिड़काव किया है. दरअसल, समुद्र के बीच पर ब्लीच के छिड़काव के पीछे ये दलील दी है कि तटीय इलाके को कोरोनावायरस के संक्रमण से मुक्त किया गया है.

    स्पेन (Spain) दुनिया के उन देशों में है जो कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा शिकार हुआ. 23800 से ज्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है. सरकार ने मार्च के मध्य से लॉकडाउन जारी किया था. लेकिन इस सप्ताह सरकार ने लॉकडाउन में कुछ ढील देते हुए 14 साल से कम उम्र बच्चों को एक घंटे बाहर खेलने की इजाज़त दी है. इसी वजह से गांव के लोगों ने बच्चों के छह सप्ताह के स्टे-होम के बाद उन्हें बाहर घुमाने की मिली इजाज़त को देखते हुए समुद्र किनारे ब्लीच का छिड़काव किया ताकि बच्चे वहां मौज-मस्ती कर सकें.



    छह सप्ताह से लोगों के बीच पर जाने पर मनाही थी. लेकिन अब ट्रैक्टरों से समुद्री किनारों पर ब्लीच का छिड़काव कर डिसइंफैक्ट करने की कोशिश की गई. लेकिन इस कदम से पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और बेतुका बताया. लोगों ने इसे इकोसिस्टम के खिलाफ बताया. उनका मानना है कि इससे कई प्रवासी पक्षियों के घोंसले और अंडे नष्ट हो गए होंगे. उनका कहना है कि पक्षियों के प्रजनन के सीज़न में समुद्र किनारे ब्लीच छिड़कने से न सिर्फ पक्षी बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है. इस आइडिया की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डिटॉल के इंजेक्शन लगवाने वाले बयान से तुलना कर स्पेन के ग्रीनपीस स्पेन ने ट्वीट भी किया है.
    साथ ही ये भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय प्रशासन के पास ब्लीच के छिड़काव के लिए जरूरी इजाज़त नहीं थी. जिसके बाद म्यूनिसिपल अधिकारी ने माना कि बच्चों की सुरक्षा की वजह से एहतियातन ये फैसला खुद से लिया गया जो कि एक गलती है. साथ ही ये भी कहा कि हालांकि इसका मकसद इंफेक्शन को रोकना था. अब इस घटना पर किरकिरी होने के बाद स्पेन के लोकल प्रशासन ने कोरोनावायरस से बीच को डिसइंफैक्ट करने के लिए ट्रैक्टर भर कर ब्लीच भेजने की घटना पर माफी मांगी है.
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