ताइवान ने सिखाया चीन को सबक, देश में घुसे चीनी लड़ाकू विमान को खदेड़ा

ताइवान ने चीनी लड़ाकू विमान को खदेड़ा.
ताइवान ने चीनी लड़ाकू विमान को खदेड़ा.

चीन (China) ताइवान पर अपना दावा करता है. जबकि ताइवान (Taiwan) खुद एक लोकतांत्रिक देश है. वहां खुद की सरकार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 16, 2020, 11:56 PM IST
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नई दिल्‍ली. सीमा विवाद के बीच लद्दाख (Ladakh) में 15 और 16 जून की मध्‍य रात में चीन (China) ने भारतीय सैनिकों (Indian Army) के साथ हाथापाई की. इसमें भारत के कम से कम 20 सैनिक शहीद हुए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इसमें चीन (China Army) के भी कम से कम 43 सैनिक या तो मारे गए हैं और या तो घायल हुए हैं. इन सबके बीच मंगलवार को चीन के पड़ोसी देश ताइवान (Taiwan) ने उसे करारा सबक सिखाया है. देश की सीमा में घुसे चीनी लड़ाकू विमान (China fighter plane) को ताइवान ने खदेड़ दिया. यह जानकारी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दी. चीन की ओर से की गई यह 1 हफ्ते में तीसरी घटना थी.

मंत्रालय के अनुसार चीन का जे-10 लड़ाकू विमान ताइवान की सीमा में घुसा था. ताइवान की ओर से उसे सीमा क्षेत्र से बाहर जाने की चेतावनी दी गई थी. लेकिन जब उसने चेतावनी को नजरअंदाज किया तो ताइवान की एयरफोर्स ने लड़ाकू विमानों के जरिये चीन के लड़ाकू विमान को देश की सीमा से बाहर खदेड़ दिया.

ताइवान के अनुसार पिछले हफ्ते मंगलवार को भी चीन के कई सुखोई 30 लड़ाकू विमान और अन्‍य फाइटर जेट ताइवान की सीमा में घुसे थे. उन्‍हें भी बाहर जाने की चेतावनी दी गई थी. शुक्रवार को भी चीन का वाई-8 प्रोपेलर विमान ताइवान की सीमा में घुसा था. उसे सर्विलांस के तौर पर इस्‍तेमाल किया जा रहा था. उसे भी ताइवान से दो बार हवाई सीमा क्षेत्र से बाहर जाने की चेतावनी दी थी.



बता दें कि चीन ताइवान पर अपना दावा करता है. हालांकि ताइवान में खुद की लोकतांत्रिक सरकार है. ताइवान ने कहा है कि चीन ने हाल के महीनों में सैन्य गतिविधियों को आगे बढ़ाया है. एक ओर जहां दुनिया भर कोरोनो वायरस महामारी से निपट रही है, वहीं चीन ने ताइवान को धमकाया है.
बीजिंग नियमित रूप से कहता है कि इस तरह के अभ्यास असामान्य नहीं हैं और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प को दिखाने के लिए ऐसा करता है. पिछले महीने चीन के सबसे वरिष्ठ जनरलों में से एक ने कहा था कि अगर ताइवान को स्वतंत्र होने से रोकने का कोई अन्य तरीका नहीं होगा तो चीन हमला करेगा.

चीन को ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन पर गहरा संदेह है, जिन पर उसने औपचारिक स्वतंत्रता की घोषणा करने पर अलगाववादी मंशा होने का आरोप लगाया है. त्साई का कहना है कि ताइवान पहले से ही एक स्वतंत्र देश है जिसे आधिकारिक रूप से चीनी गणराज्य कहा जाता है.

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