अफगानिस्तान में 3 मीडियाकर्मियों की हत्या पर बिफरा अमेरिका, कहा- दोषियों को दंड दो

अफगानिस्तान में 3 मीडियाकर्मियों की बेरहमी से हत्‍या कर दी गई. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

अफगानिस्तान में 3 मीडियाकर्मियों की बेरहमी से हत्‍या कर दी गई. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

3 female journalists killed in Afghanistan: युद्धग्रस्त देश में लोगों को निशाना बनाकर हत्या किए जाने के मामले बढ़े हैं. तीनों मीडियाकर्मियों का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 12:13 AM IST
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काबुल. आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने पूर्वी अफगानिस्तान में एक स्थानीय रेडियो एवं टीवी स्टेशन के लिए काम करने वाली तीन महिलाओं की हत्या की जिम्मेदारी ली है. आईएस ने मंगलवार देर रात इन हमलों की जिम्मेदारी ली, जबकि अफगान सरकार ने इन हमलों के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, इन मीडियाकर्मियों की मौत पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्‍ता नेड प्राइस ने कहा, 'हम चाहते हैं कि इन जघन्य हत्याओं की खुली और पारदर्शी जांच के ज़रिए दोषियों की दंडमुक्ति की संभावना ख़त्म हो. हम सरकार से प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की रक्षा करने का आह्वान करते हैं.'

युद्धग्रस्त देश में लोगों को निशाना बनाकर हत्या किए जाने के मामले बढ़े हैं. तीनों मीडियाकर्मियों का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया. निजी चैनल के समाचार संपादक और ननगरहर प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं को अलग-अलग स्थानों पर गोली मारी गई. अफगान अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने तीनों की हत्या के संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान कारी बसर के रूप में की गई है. पुलिस ने कहा कि बसर तालिबानी आतंकवादी है, लेकिन तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस दावे को नकार दिया है.

आईएस ने बताई हत्‍या करने की वजह
नंगरहार पुलिस प्रमुख जनरल जुमा गुल हेमत ने कहा कि बसर ने हमलों के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल में साइलेंसर लगाया था. उसे पुलिस ने हमलों के कुछ ही देर बाद जलालाबाद से गिरफ्तार कर लिया था. आईएस ने कहा कि इन महिला पत्रकारों को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि वे 'धर्म का त्याग कर चुकी अफगान सरकार के वफादार मीडिया स्टेशनों' में से एक में काम करती थीं.
यह एनिकास रेडियो और टीवी में कार्यरत महिलाओं पर किया गया पहला हमला नहीं है. आईएस ने दिसंबर में भी इस स्टेशन में कार्यरत महिला कर्मी मलाला मैवांद की हत्या की जिम्मेदारी ली थी. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मंगलवार को हुए इन हमलों की निंदा की है. अफगानिस्तान में पिछले छह महीने में 15 मीडियाकर्मियों की हत्या की जा चुकी है.



एनिकास रेडियो एवं टीवी के समाचार संपादक शोकरुल्ला पासून ने कहा कि उनके स्टेशन में काम करने वाली मरुसल वहीदी जब अपने घर जा रही थीं, तब उन पर बंदूकधारियों ने हमला किया. उन्होंने बताया कि दो अन्य मीडियाकर्मियों शहनाज और सादिया पर भी एक अन्य स्थान पर उस समय हमला हुआ, जब वे कार्यस्थल से घर जा रही थीं.
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