फेक स्टोरी मामले में फंसा जर्मनी का स्टार जर्नलिस्ट, मैगजीन ने निकाला

प्रतीकात्मक तस्वीर
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फेक स्टोरी का मामला सामने आने के बाद 33 वर्षीय पत्रकार रिलोटियस को निकाल दिया गया है. वह इस मैगजीन के लिए पिछले छह सालों से लिख रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 20, 2018, 10:34 AM IST
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जर्मनी के वीकली मैगजीन डेर स्पीगल ने बुधवार को अपने अवार्ड विनिंग पत्रकार को निकाल दिया है. वह पत्रकार पिछले कई सालों से फेक स्टोरी पब्लिश कर रहा था. उसने प्रिंट और मैगजीन में 60 में से लगभग 14 फेक स्टोरी को पब्लिश किया था. वह फेक स्टोरी की कहानियों को खुद ही गढ़ता था. स्पीगल ने चेतावनी जारी की है कि पत्रकार की इस हरकत से अन्य आउटलेट भी प्रभावित हो सकते हैं.

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार फेक स्टोरी का मामला सामने आने के बाद 33 वर्षीय पत्रकार रिलोटियस को निकाल दिया गया है. वह इस मैगजीन के लिए पिछले छह सालों से लिख रहा था. उसने 2014 में सीएनएन जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड समेत कई पुरस्कार जीते हैं. इस महीने की शुरुआत में ही उसे एक सीरियाई लड़के पर स्टोरी कवर करने को लेकर जर्मन रिपोर्टर ऑफ द ईयर अवार्ड के लिए भी नामित किया गया था.

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यह मामला तब सामने आया जब यूएस-मैक्सिकन सीमा पर उनके साथ काम करने वाली एक सहयोगी ने स्टोरी की कुछ डिटेल्स पर संदेह जताया. उसके बाद रिपोर्टरों ने स्टोरी के दो तथ्यों को ट्रैक किया,​ जिसे नवंबर में पब्लिश किया गया था. दोनों तथ्यों से पता चला कि इस संबंध में उनकी किसी से मुलाकात नहीं हुई है. बाद में जांच से यह भी पता चला कि रिलोटियस जो यह बात कही थी कि उन्होंने हाथ से लिखी हुई पेंटिंग देखी थी जिसमें लिखा था कि 'मेक्सिकन बाहर रहें'; वह भी झूठी थी.
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