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Ukraine Crisis: NATO पर उलझी बात, रूसी सेना ने यूक्रेन को 3 ओर से घेरा

रूसी घेराबंदी और यूक्रेन पर हमले की आशंका के बीच जिनेवा में रूस और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में रूसी उप विदेश मंत्री रायबाकोव ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शर्मन के सामने एक सूत्री शर्त रखी.

रूसी घेराबंदी और यूक्रेन पर हमले की आशंका के बीच जिनेवा में रूस और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में रूसी उप विदेश मंत्री रायबाकोव ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शर्मन के सामने एक सूत्री शर्त रखी.

Ukraine Crisis: रूस की नाटो सेनाओं को अपने दरवाजे से दूर रखना है. अमेरिका ने फिलहाल यूक्रेन को नाटो में शामिल करने के ब ...अधिक पढ़ें

    कीव. यूक्रेन (Ukraine Crisis) की दिक्कतें बढ़ती जा रही है. अमेरिका और नाटो के साथ बातचीत उलझने के बाद रूसी सेना ने यूक्रेन को तीन तरफ से घेर रखा है. रूसी घेराबंदी और यूक्रेन पर हमले की आशंका के बीच जिनेवा में रूस और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में रूसी उप विदेश मंत्री रायबाकोव ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शर्मन के सामने एक सूत्री शर्त रखी. रूस का कहना है कि अमेरिका यूक्रेन को सैन्य संगठन नाटो में शामिल नहीं करे. रूसी सूत्रों के अनुसार वे अमेरिका के साथ स्पष्ट हल चाहते हैं.

    दरअसल, रूस की नाटो सेनाओं को अपने दरवाजे से दूर रखना है. अमेरिका ने फिलहाल यूक्रेन को नाटो में शामिल करने के बारे में कोई वादा नहीं किया है. रूसी सेनाएं यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्र के सोलोटी और बोगुचार जबकि उत्तरी क्षेत्र में पोचेप से घेरे हुए हैं. सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि रूस लगातार यूक्रेन की सीमा पर अपना सैन्य जमावड़ा बढ़ा रहा है. अतिरिक्त सैनिक भी तैनात हैं.

    क्या है यूक्रेन विवाद? आखिर क्यों रूस और अमेरिका के बीच तनी हैं तलवारें

    बाइडन प्रशासन ने दी चेतावनी
    बाइडन प्रशासन ने कहा, ‘अगर रूस पीछे नहीं हटा तो अमेरिका यूरोप में अपनी रणनीतिक उपस्थिति में बढ़ोतरी करेगा. वहीं, अगर रूस पीछे हटता है, तो बाइडन प्रशासन यूक्रेन में मिसाइलों की तैनाती और पूर्वी यूरोप में नाटो के सैन्य अभ्यासों में कमी लाने पर रूस के साथ चर्चा के लिए तैयार है.’

    इसके साथ ही बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है, तो रूस को आर्थिक रूप से तबाह कर दिया जाएगा. अमेरिका और सहयोगी देश न केवल रूस के सरकारी संस्थाओं पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएंगे, बल्कि रूस की आर्थिक मोर्चे पर घेराबंदी कर उसे दुनिया के सबसे खराब आर्थिक हालात वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा दिया जाएगा.

    क्या है यूक्रेन विवाद?
    पूर्व सोवियत रूस के दो अलग हुए भाई रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) अपनी सीमाओं पर सेनाओं की बड़े पैमाने पर तैनाती को लेकर आमने-सामने हैं. नाटो (NATO) सैन्य गठबंधन के नेता, अमेरिका का कहना है कि रूस यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने की योजना बना रहा है. हालांकि रूस ने इस तरह की किसी भी योजना से इनकार किया है. 2014 में जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा किया था तभी से उसके और यूक्रेन के बीच तनाव बना हुआ है.

    यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के 1 लाख से ज्यादा सैनिक सीमा पर जुटे हैं. उनके साथ बख्तरबंद गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियां भी मौजूद हैं. इसी को लेकर यूक्रेन और नाटो गठबंधन चिंतित है कि रूस किसी तरह के आक्रमण की कोई योजना तो नहीं बना रहा है.

    उधर, रूस का कहना है कि यूक्रेन ने 1 लाख 20 हजार सैनिकों को सीमा पर तैनात कर रखा है और वह पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र को दोबारा हासिल करने में लगा हुआ है. यूक्रेन ने इस आरोप को गलत ठहराया है.

    यूक्रेन की नाटो से कितनी निकटता?
    यूक्रेन ने इस मामले के चलते यूरोपीय संघ और नाटो से प्रतिबंध पैकेज तैयार करने और रूस के आक्रामक रवैये के खिलाफ सहयोग की गुजारिश की है. हालांकि रूस नाटो के दिए किसी भी झटके का सामना करने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन पुतिन ने मास्को में कहा था कि नाटो की यूक्रेन में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

    Tags: Ukraine

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