ISIS के चंगुल से भागी महिला की आपबीती- वो 3 बच्चे मुझे जुल्मों की याद दिलाते थे...

जिहान बताती हैं कि जब अमेरिका समर्थित सेनाओं को पता चला कि वह यज़ीदी है, तो उन्होंने उसे और उसके दो साल के लड़के, एक साल की बच्ची को और चार महीने के शिशु को उत्तर-पूर्वी सीरिया के आश्रय स्थल पर रखा

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 6:03 PM IST
ISIS के चंगुल से भागी महिला की आपबीती- वो 3 बच्चे मुझे जुल्मों की याद दिलाते थे...
जिहान ने कहा कि 'वह बच्चे मुझे हमेशा आईएस के अत्याचारों को याद दिलाते हैं.
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Updated: July 14, 2019, 6:03 PM IST
जिहादियों की कैद से 12 साल बाद रिहा हुई यजीदी महिला ने अपनी जिन्दगी के उन हिस्सों को साझा किया है जिसने इस्लामिक स्टेट की दरिंदगी की पोल खोल दी है. जिहान ने बताया कि उसने आईएस दरिंदों से हुए तीन बच्चों को भी वह छोड़ कर भाग आई है. बिना किसी जज्बात के जिहान ने कहा कि मैं उन बच्चों को अपने साथ नहीं ला सकती थी क्योंकि वह दाएश (आईएस) के बच्चे थे.

जिहान ने कहा कि 'वह बच्चे मुझे हमेशा आईएस के अत्याचारों को याद दिलाते हैं. मैं ऐसा कैसे कर सकती हूं, जबकि अब भी मेरे भाई बहन आईएस के कब्जे में हैं.'



साल 2014 में इराक के सिंजार से अगवा की गई जिहान ने बताया कि आइएस के लोगों ने जिन महिलाओं को अगवा किया था वे अब इससे बाहर आना चाहती हैं लेकिन बच्चों के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रही हैं. जिहान ने कहा कि उन्हें 13 साल की उम्र में अहवा किया गया और 15 साल की उम्र में एक आईएस लड़ाके से उनकी शादी करा दी गई.

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उनके बच्चों का क्या किया जाए?

जिहान ने कहा कि उनके बच्चों का क्या किया जाए जो जबर्दस्ती कराई गई शादियों और यौन संबंधों से पैदा हुए. महिलाएं अब अपनी पुरानी जिन्दगी से उबरना चाहती हैं लेकिन बच्चों के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रही हैं.

जिहान बताती हैं कि जब अमेरिका समर्थित सेनाओं को पता चला कि वह यज़ीदी है, तो उन्होंने उसे और उसके दो साल के लड़के, एक साल की बच्ची को और चार महीने के शिशु को उत्तर-पूर्वी सीरिया के आश्रय स्थल पर रखा, जहां आईएस की दरिंदगी का शिकार अन्य महिलाएं रखी गई हैं.
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बच्चे काफी छोटे हैं लेकिन....

यज़ीदी हाउस के रूप में जाना जाने वाला सेफहाउस ने फेसबुक पर उनकी तस्वीर पोस्ट की और उसके बड़े भाई सलमान ने उन्हें पहचाना. जिहान कासिम अपने घर जाना चाहती थीं लेकिन वह बच्चों को छोड़ जाना चाहती थीं.

जिहान ने कहा कि बच्चे काफी छोटे हैं और उन्हें उनसे लगाव था और उनका मुझसे भी लेकिन वे आईएस के बच्चे हैं. जिहान ने कहा कि उनके पास बच्चों की कोई तस्वीर नहीं है और वह उन्हें याद भी नहीं रखना चाहती हैं. जिहान ने कहा कि बिना बच्चों के पहला दिन मुश्किल था लेकिन फिर मैं उन्हें भूल गई.

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