दक्षिण अफ्रीका: भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे राष्ट्रपति जैकब जुमा ने इस्तीफ़ा दिया

75 वर्षीय ज़ुमा पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा था. उन्हें उपराष्ट्रपति सिरिल रामापोसा के लिए जगह खाली करने को कहा जा रहा था.


Updated: February 15, 2018, 8:04 AM IST
दक्षिण अफ्रीका: भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे राष्ट्रपति जैकब जुमा ने इस्तीफ़ा दिया
उन्होंने बुधवार शाम देश के नाम टेलिविजन पर प्रसारित संबोधन में इस्तीफ़े का ऐलान किया.

Updated: February 15, 2018, 8:04 AM IST
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा ने इस्तीफ़ा दिया है. इसके साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे उनके नौ वर्षीय शासन काल का अंत हो गया.

ज़ैकब जुमा ने अपने आधे घंटे के विदाई समारोह में कहा, "हालांकि अफ्रीकन नेशनल पार्टी (एएनसी) ने जिस तरीके से मुझे पद छोड़ने के लिए कहा, उससे मै संतुष्ट नहीं हूं. फिर भी मै पार्टी के आदेशों का पालन करुंगा. इसलिए मैने निर्णय लिया है कि मै रिपब्लिक के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दूंगा."

उन्होंने बुधवार शाम देश के नाम टेलिविजन पर प्रसारित संबोधन में इस्तीफ़े का ऐलान किया.

इसके पहले ज़ुमा की पार्टी एएनसी ने उन्हें पद छोड़ने या फिर गुरुवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को कहा था.

75 वर्षीय ज़ुमा पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा था. उन्हें उपराष्ट्रपति सिरिल रामापोसा के लिए जगह खाली करने को कहा जा रहा था. उन्हें एएनसी का नया नेता चुना गया है. साल 2009 से सत्ता में रहे ज़ुमा पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. ज़ुमा ने कहा कि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का कोई भय नहीं है.

ज़ुमा ने कहा, "उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लोगों की अपनी क्षमता के मुताबिक भरपूर सेवा की."

ज़ुमा ने कहा कि हिंसा और एएनसी में विभाजन की वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फ़ैसला किया.

उन्होंने कहा, " मेरे नाम पर किसी की जान नहीं जानी चाहिए और मेरे नाम पर एएनसी में कभी विभाजन नहीं होना चाहिए. इसीलिए मैंने तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति पद छोड़ने का फ़ैसला किया."

ज़ुमा ने कहा, "मैं अपने संगठन के नेतृत्व के फ़ैसले से असहमत हूं. मैं एएनसी का अनुशासित सदस्य हूं. पद छोड़ने के बाद भी मैं दक्षिण अफ्रीका के लोगों और एएनसी की सेवा करता रहूंगा."


ब्रिक्स सम्मेलन पर नहीं पड़ेगा असर : विशेषज्ञ
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा हटाने का प्रभाव जुलाई में निर्धारित 10वें ब्रिक्स सम्मेलन पर नहीं पड़ेगा. विशेषज्ञों ने यह बात कही. उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह की 10वीं सालाना राजनयिक बैठक जोहान्सबर्ग में 25-27 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी. इस समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका है.

केपटाउन में सेंटर फॉर कॉनफलिक्ट के शोधकर्ता ग्वीनवाई जिनेसा ने सिन्हुआ को बताया, "जुमा का बाहर जाना ब्रिक्स सम्मेलन को प्रभावित नहीं करेगा. दक्षिण अफ्रीका के नए राष्ट्रपति सम्मेलन की अगुआई करेंगे और कार्यक्रम जारी रहेगा."

सम्मेलन सैंडटन कन्वेशन सेंटर में निर्धारित है और दक्षिण अफ्रीका विकास और समृद्धि को कार्यक्रम के माध्यम से आगे बढ़ाएगा.
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