ब्रिटेन में जंक फूड के ऐड पर सख्त पाबंदी, मोटापा कोरोना से मौत की एक बड़ी वजह

ब्रिटेन में जंक फूड के ऐड पर सख्त पाबंदी, मोटापा कोरोना से मौत की एक बड़ी वजह
शोध में पाया गया कि बॉडी मास इंडेक्‍स 25 से ज्‍यादा वाले लोगों में संक्रमित होने का जोखिम ज्‍यादा होता है.

ब्रिटेन ने जंक फूड (Junk Food) के विज्ञापनों पर सख्त पाबंदियां (Restrictions on Advertisement) लगा दी हैं. ब्रिटेन में कोरोनावायरस के मौत के कारणों में से एक मोटापे को भी देखा जा रहा है.

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लंदन. ब्रिटेन ने जंक फूड (Junk Food) के विज्ञापनों पर सख्त पाबंदियां (Restrictions on Advertisement) लगा दी हैं. मंत्री देश की बढ़ती मोटापे (Obesity) की समस्या को नियंत्रित करना चाहते हैं. ब्रिटेन में कोरोनावायरस के मौत (Death Of Coronavirus) के कारणों में से एक मोटापे को भी देखा जा रहा है. देश के स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग ने सोमवार को कहा कि इस योजना के तहत टेलीविजन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों में रात 9 बजे से पहले ज्यादा वसा, नमक या चीनी वाले खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों को दिखाने पर बैन लगाना शामिल होगा. गौरतलब है कि एक शोध में पाया गया कि बॉडी मास इंडेक्‍स 25 से ज्‍यादा वाले लोगों में संक्रमित होने का जोखिम ज्‍यादा होता है.

सरकार कर रही है बाय वन गेट वन ऑफर पर बैन लगाने का विचार

ब्रिटेन की सरकार चीनी के उत्पादों पर दिए गए एक के साथ एक फ्री जैसे ऑफर भी बैन करने पर विचार कर रही है. इसके साथ दुकानों और रेस्तरां में अधिक उत्पादों पर कैलोरी लेबल लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दे रही है. सरकार अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों पर कैलोरी काउंट लगाने के बारे में परामर्श कर रही है. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक बयान में कहा कि वजन कम करना मुश्किल काम है लेकिन कुछ छोटे बदलावों के साथ हम सभी फिट और स्वस्थ महसूस कर सकते हैं.



फूड, रिटेल, विज्ञापन और मीडिया पर बढ़ेगा दबाव
कोरोनावायरस महामारी को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए आर्थिक लॉकडाउन के कारण पहले से ही आर्थिक दिक्क्तें झेल रही फ़ूड, रिटेल, विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्रीज पर इन प्रतिबंधों के कारण दबाव और बढ़ जाएगा. लॉक डाउन के कारण हजारों नौकरियां खतरे में हैं. प्रधानमंत्री के लिए ये प्रतिबंध परिवर्तन की दिशा बदलने का मौक़ा भी है जो पहले ही देश में लोगों की ज़िंदगी से छेड़छाड़ की शिकायत करते रहे हैं.

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कोरोना महामारी में मोटापे को भी लोगों के मरने की एक बड़ी वजह बताया जाता रहा है और प्रधानमंत्री स्वयं भी कोविड-19 से बाल बाल बचे हैं. ऐसे हालातों में वे मोटापे से लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं. देश के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लगभग दो-तिहाई ब्रिटिश वयस्क सामान्य से अधिक वजन के हैं और तीन में से एक बच्चा प्राइमरी स्कूल छोड़ते समय बहुत अधिक मोटा है. कोरोनावायरस से लड़ाई में बहुत अधिक वजनीय होना भी जोखिम बढ़ाता है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है.
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