सऊदी अरब में चिकन के बाद चावल और इलायची भी हुए महंगे

सऊदी अरब में चिकन के बाद चावल और छोटी इलायची भी महंगे हो गए हैं.

मार्केट पर नजर रखने वालों का कहना है कि चावल महंगे होने की बुनियादी वजह यह है कि अक्‍टूबर के मुकाबले में जनवरी 2020 के दौरान चावल का आयात (Import) कम हुआ है. दूसरी ओर लोग चावल ज्‍यादा मात्रा में खरीद कर संग्रह करने लगे हैं और यह चलन बढ़ने से भी महंगाई हुई है.

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    सऊदी अरब (Saudi Arabia) में चावल की कीमत 10 से 15 फीसद तक बढ़ गई है. एक टन चावल 2019 में 900 से 950 डॉलर में उपलब्‍ध था. अब उसकी कीमत बढ़ कर एक हजार से 1100 डॉलर हो गई है. अकाज अखबार के मुताबिक मार्केट पर नजर रखने वालों का कहना है कि चावल महंगे होने की बुनियादी वजह यह है कि अक्‍टूबर के मुकाबले में जनवरी 2020 के दौरान चावल की आमद कम हो गई है. दूसरी ओर चावल ज्‍यादा मिकदार (मात्रा) में खरीद कर संग्रह करने का चलन भी बढ़ता जा रहा है.

    चावल उपलब्‍ध कराने वाली भारतीय कंपनियों ने प्रत्‍येक टन 100 से 150 डॉलर की बढ़ोतरी कर दी है. अखबार के मुताबिक जिन कंपनियों ने अक्‍टूबर 2019 के दौरान चावल (Rice) नहीं खरीदा, अब उन्‍हें नई कीमत पर चावल खरीदने पड़ रहे हैं. कई कंपनियों ने पुरानी कीमतों पर चावल निर्यात (Export) का सौदा नहीं किया है, ऐसे में अब नई कीमतों पर सौदा करना पड़ रहा है.

    मुरस्‍सद वेबसाइट के मुताबिक सऊदी मार्केट में भारतीय छोटी इलायची (Green cardamom) की कीमत 90 फीसदी बढ़ गई है. अलअरबिया नेट ने अपने संवाददाता के हवाले से बताया कि भारतीय छोटी इलायची एक किलो 90 रियाल में बिक रही थी. अब उसकी कीमत 160 रियाल हो गई है और सऊदी मार्केट में बहुत कम उपलब्‍ध है.

    वहीं चिकन मुहैया कराने वाली कंपनियों ने भी 20 जनवरी से 10 से 12.5 फीसदी तक कीमत बढ़ा दी हैं और इसमें वेल्‍यू एडेड टैक्‍स (VAT) शामिल नहीं है.

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