अमेरिकी वायु सेना में शामिल होंगे रोबोट डॉग, ऐसे बदलेगी युद्ध के मैदान की तस्वीर

अमेरिकी वायु सेना में शामिल होंगे रोबोट डॉग, ऐसे बदलेगी युद्ध के मैदान की तस्वीर
अमेरिकी वायु सेना के अभ्यास में रोबोट डॉग शामिल होने जा रहा है.

अमेरिकी वायु सेना (United States Air Force) के अभ्यास में रोबोट डॉग (Robot Dog) शामिल होने जा रहे हैं जिससे भविष्य में होने वाले युद्ध के मैदान की तस्वीर बदलने (Picture Of Battlefield Have Changed) जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 7:29 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी वायु सेना (United States Air Force) के अभ्यास में रोबोट डॉग (Robot Dog) शामिल होने जा रहे हैं जिससे भविष्य में होने वाले युद्ध के मैदान की तस्वीर बदलने (Picture Of Battlefield Have Changed) जा रही है. 3 सितंबर को जारी वायु सेना की एक खबर के अनुसार वायु सेना का C-130 उड़ान भर कर विदेशी जमीन पर पहुंचा. यह जगह बहुत दोस्तानापूर्ण नहीं थी इसलिए हवाईजहाज के खुलने पर सबसे पहले रोबोटिक डॉग को बाहर भेजा ताकि वह बाहर किसी प्रकार के खतरे को भांप कर अंदर बैठे मनुष्यों को बता सकें.

अमेरिकी वायु सेना की ताकत में होगा इजाफा

इन रोबोट डॉग को 'Vision 60 UGVs' या स्वायत्त मानवरहित जमीनी वाहन (autonomous unmanned ground vehicles) कहा जाता है. इन कुत्तों के निर्माता फिलाडेल्फिया के घोस्ट रोबोटिक्स हैं. इन रोबोटिक डॉग्स में किसी भी इलाके या वातावरण में ऑपरेट करने की और सेंसर्स और रेडियो को कैरी करने की क्षमता है. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार हमारे लेग्ड रोबोट का कोर डिज़ाइन सिद्धांत किसी भी अन्य लेग्ड रोबोट की तुलना में मैकेनिकल जटिलता को कम करता है. ये रोबोटिक डॉग भविष्य में अमेरिकी सेना की वायु सेना के महत्वपूर्ण घटक हो सकते हैं.



आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर पाएगा रोबोट डॉग
इलेक्ट्रॉनिक कैनाइन एक लिंक है जिसे अमेरिकी सेना उन्नत युद्ध प्रबंधन प्रणाली ( Advanced Battle Management System) को बुलाती है. यह सिस्टम अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रैपिड डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अंतरिक्ष में अमेरिकी मिलिट्री असेस्ट्स और मिसाइलों या अन्य माध्यमों से अमेरिकी जमीन पर संभावित हमलों का पता लगा कर उनसे मुकाबला करेगा.

युद्ध में सैनिकों को ऐसे होगी मदद

वायु सेना के सहायक सचिव (अधिग्रहण टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स विभाग) विल रॉपर ने कहा कि भविष्य में होने वाले युद्धों में सैनिकों को आकलन करने के लिए चक्कर दिलाने वाली सूचनाओं की सारणी का सामना करने और उनसे लड़ने के लिए नैनोसेकन्ड में किए गए डेटा सिंथेसिस पर भरोसा करने की जरूरत होगी. विल रॉपर ने एबीएमएस अभ्यास पर एक वायु सेना की प्रेस रिलीज में कहा कि डेटा जेट ईंधन या उपग्रहों की तुलना में कम महत्वपूर्ण नहीं है. डेटा को अगली पीढ़ी के युद्ध की कुंजी बताते हुए कहा कि इसे एक आवश्यक युद्धक संसाधन का दर्जा दिया जाना चाहिए.

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31 अगस्त से 3 सितंबर तक के नवीनतम एबीएमएस (Advanced Battle Management System ) अभ्यास में अमेरिकी सेना की हर शाखा शामिल थी जिसमें कोस्ट गार्ड, इस इंडस्ट्री की अन्य दर्जनों टीमें शामिल थीं, जिन्होंने देश भर में अलग अलग 30 स्थानों पर अभ्यास किया. नेवादा में नेलिस एयर फोर्स बेस वह जगह है जहाँ रोबोट डॉग अभ्यास करते नजर आये. वायु सेना की 621वीं कंटिंजेंसी रिस्पांस ग्रुप जिसका उपनाम डेविल रेडर भी है, के एक सदस्य मास्टर सार्जेन्ट ली वॉस्टन ने कहा कि ये रोबोटिक डॉग हमारे रक्षकों को एयरक्राफ्ट के पास रहते हुए आसपास के क्षेत्र का विजुअल देते हैं.
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