ये कार कंपनी जापान में बसाएगी ऐसा शहर, जहां घर बनाने से लेकर कचरा फेंकने तक का काम करेंगे रोबोट

ये कार कंपनी जापान में बसाएगी ऐसा शहर, जहां घर बनाने से लेकर कचरा फेंकने तक का काम करेंगे रोबोट
इस शहर को 'वोवेन सिटी' नाम दिया गया है. इसमे 2000 लोगों को बसाने की योजना है. Photo credit/youtube

इसे 'वोवेन सिटी' (Woven City) नाम दिया गया है. इस योजना पर 2021 से काम शुरू होगा. जापानी कंपनी टोयोटा (Toyota) ने इसकी घोषणा लास वेगास (Las Vegas) में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (CES-2020) में की.

  • News18.com
  • Last Updated: January 10, 2020, 1:20 PM IST
  • Share this:
जापान. ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ज्वालामुखी माउंट फुजी की तलहटी में एक ऐसा शहर बसाएगी, जहां फ्रिज में सामान रखने से लेकर कचरा फेंकने तक का काम रोबोट करेंगे. अपनी उन्‍नत तकनीक के लिए मशहूर जापान का यह शहर पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस होगा. यहां सब हाइटेक होगा. यह जगह टोक्यो से करीब 100 किमी दूर है. कंपनी ने शहर बसाने की इस योजना को तैयार कर लिया है.
इस शहर में करीब 2000 लोगों को बसाने की बात कही गई है. इसे 'वोवेन सिटी' (Woven City) का नाम दिया गया है. इस योजना पर 2021 से काम शुरू होगा. जापानी कंपनी टोयोटा (Toyota) ने इसकी घोषणा लास वेगास (Las Vegas) में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (CES-2020) में की.

शहर का हर घर तकनीक से लैस होगा
टोयोटा के सीईओ अकियो का कहना है, 'यह शहर काफी अलग होगा.' उन्‍होंने इस शहर को जीवित प्रयोगशाला बताया है. यह शहर उन लोगों के लिए खास होगा, जो खोज करना चाहते हैं. ऐसे में यह शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को अपने रोजमर्रा के जीवन में नए प्रयोग करने के लिए खास तरह का माहौल मुहैया कराएगा. यहां बिल्डिंग से लेकर वाहन तक सेंसर और एआई तकनीक से जुड़े रहेंगे. लोगों की मदद के लिए रोबोट असिस्टेंट मौजूद रहेंगे. अकियो के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए वर्चुअली और फिजिकली दोनों तरह से यहां टेस्ट किए जाएंगे.



तनाव से जूझ रहे लोगों को राहत देगा यह शहर
अहम बात यह है कि इस शहर में हर काम अलग अंदाज में होगा. फ्रिज में सामान रखने से लेकर कूड़ा फेंकने तक हर काम ऑटोमैि‍टिक होगा. इस शहर के घर उन लोगों के लिए भी खास होंगे जो अपनी सेहत को लेकर ज्‍यादा सजग रहते हैं. यहां आपकी सेहत की जानकारी भी तकनीक देगी. यहां पावर स्टोरेज स्टेशन और वाटर फिल्टर जमीन के नीचे होगा. लोगों को खुशनुमा अहसास कराने के लिए आर्किटेक्चर कंपनी ने पब्लिक स्पेस भी काफी खूबसूरत और सुविधाओं से लैस बनाने की योजना बनाई है. कुल मिलाकर कोशिश यह है कि यहां रहने वालों को तनाव महसूस न हो.



यहां ड्राइवर की जरूरत नहीं होगी
इस शहर को 175 एकड़ में उस जगह पर बसाए जाने की योजना है, जहां कभी कंपनी की फैक्ट्री हुआ करती थी. साथ ही इस प्रोजेक्ट को हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स और रूफटॉप सोलर एनर्जी की मदद से अमली जामा पहनाया जाएगा. यहां वायुप्रदूषण से निबटने का भी पूरा इंतजाम किया गया है. यानी यहां पूरी तरह ऑटोमैटिक कारें चलेंगी और धुएं की उत्सर्जन दर जीरो फीसदी होगी. कारें ड्राइवर के बिना यानी अपने आप चलेंगी. इसे कंपनी ने टोयोटा ई-पैलेट का नाम दिया है. हालांकि, कंपनी ने यह स्‍पष्‍ट किया है कि इस शहर के पहले निवासी कंपनी के वर्कर और उनके परिवारवाले होंगे. इसके अलावा रिटायर हो चुके लोग, फुटकर विक्रेता, शोधकर्ता और प्रोजेक्ट से जुड़े लोग भी यहां रहने का सपना पूरा कर सकेंगे.

यहां रोबोट बनाएंगे लकड़ी से घर
कंपनी ने शहर की बिल्डिंगाें को रोबोट की मदद लेकर लकड़ी से तैयार कराने की योजना बनाई है. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए टोयोटा ने आर्किटेक्चर फर्म बिजारके एंजेल ग्रुप के साथ हाथ मिलाया है. न्यूयॉर्क में दोबारा तैयार किए गए वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर और गूगल हेडक्वार्टर को बनाने वाले इस ग्रुप का कहना है कि घर के इंटीरियर में भी स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अहमियत दी जाएगी. इसी आधार पर कंपनी ने पूरे शहर का मास्टर प्लान तैयार किया है.

यह भी पढ़ें -

दफनाने से ठीक पहले अचानक ज़िंदा हो गई महिला, फिर हुआ ऐसा...

मैडम तुसाद म्यूजियम ने हैरी और मेगन के मोम के पुतले को किया परिवार से अलग

 

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading