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रूस-यूक्रेन युद्ध में हो सकता है 6 महीने का शांतिविराम, बर्फबारी और ठंड बनी बड़ी वजह

सर्दियां शुरू होने के कारण रूस यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को 6 महीने के लिए स्थगित कर सकता है. (AP Photo)

सर्दियां शुरू होने के कारण रूस यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को 6 महीने के लिए स्थगित कर सकता है. (AP Photo)

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध कुछ महीनों के लिए रुक सकता है. अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के म ...अधिक पढ़ें

वाशिंगटन: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध कुछ महीनों के लिए रुक सकता है. अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दियां शुरू होने के कारण रूस यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को 6 महीने के लिए स्थगित कर सकता है. नवंबर के अंत में बारिश और नरम मिट्टी यूक्रेनी और रूसी सैनिकों की आवाजाही को धीमा कर देगी. रिपोर्ट के मुताबिक भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड युद्ध के मैदान में दोनों देशों की सेनाओं की संचालन गति को धीमा कर सकता है. एनवाईटी ने अमेरिकी रक्षा नीति के उपमंत्री कोलिन कहल के हवाले से कहा, ‘आप पहले से ही देख रहे हैं कि यूक्रेन में खराब मौसम ने संघर्ष को थोड़ा धीमा कर दिया है. वास्तव में यह कीचड़ की वजह से हो रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर आक्रमण करना मुश्किल हो गया है.’

एनवाईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बीच, सैनिकों की आवाजाही में मजबूरन विराम के कारण संघर्ष के एक नए चरण में प्रवेश करने की उम्मीद है. रूसी सेना यूक्रेनी बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों पर ध्यान केंद्रित करेगी. इसके बदले यूक्रेनी सेना, रूस की तर्ज पर तोड़फोड़ के हमलों के साथ आगे बढ़ने जा रही है. यूएस सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के उपाध्यक्ष सेठ जोन्स ने इस बात का उल्लेख किया है. अमेरिकी अधिकारी के हवाले से अखबार ने कहा कि वाशिंगटन सर्दियों में संघर्ष विराम का महत्वपूर्ण रूप से लाभ उठाकर कीव को हथियारों की आपूर्ति बढ़ा सकता है. ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए लिखा, ‘यह खबर ऐसी रिपोर्ट सामने आने के बाद आई है कि बाइडन प्रशासन निजी तौर पर कीव को रूस के साथ बातचीत करने के लिए तत्परता दिखाने को प्रोत्साहित कर रहा है.’

यूक्रेन में इस साल फरवरी के अंत में रूस ने अपना सैन्य अभियान शुरू किया था. इसके बाद मध्यस्थता शुरू हुई थी. वार्ता का अंतिम दौर 29 मार्च को इस्तांबुल में संपन्न हुआ, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों के बावजूद वार्ता रुकी हुई है. एनवाईटी के अनुसार, अमेरिका नहीं चाहता है कि यूक्रेन, रूस के साथ बातचीत शुरू करे, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कीव को अन्य देशों का समर्थन प्राप्त हो. एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ को बताया कि हमारे कुछ सहयोगियों के लिए यूक्रेन की थकान एक वास्तविक चीज है. यूरोप, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में चिंताएं बढ़ रही हैं, क्योंकि यूक्रेन में रूस के विशेष सैन्य अभियान की वजह से खाद्य और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं.

इससे पहले सितंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि मॉस्को अब भी कीव के साथ बातचीत के लिए तैयार है और उन्होंने यूक्रेन से शत्रुता रोकने के लिए कहा था. इसके बदले में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था कि कीव, मॉस्को के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह तभी संभव है, जब रूस में दूसरे राष्ट्रपति सत्ता में आएं. यानी उनका कहना था कि यूक्रेन व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्राध्यक्ष रहते रूस के साथ किसी तरह के शांति समझौते में शामिल नहीं होगा. इसके बाद क्रेमलिन ने जवाब दिया था कि मॉस्को, यूक्रेन के वर्तमान राष्ट्रपति या उनके उत्तराधिकारी के रुख में बदलाव की प्रतीक्षा करेगा. आपको बता दें कि 10 महीने से चल रहे युद्ध में दोनों देशों की सेनाओं को जान और माल की भारी क्षति पहुंची है. वहीं, यूक्रेन से कई लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

Tags: Russia, Russia ukraine war, Ukraine

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