लाइव टीवी

चीन से सटे रूस में आखिर क्यों नहीं दिखा कोरोना का कहर? क्या इटली वाली गलती कर गया रूस?

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 12:05 AM IST
चीन से सटे रूस में आखिर क्यों नहीं दिखा कोरोना का कहर? क्या इटली वाली गलती कर गया रूस?
रूस में अचानक ही कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद में तेजी आनी शुरू हो गई है

अकेले गुरुवार को ही कोरोना संक्रमण के 182 नए मामले सामने आए जिसके साथ रूस में कुल कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद 840 पहुंच चुकी है

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 12:05 AM IST
  • Share this:
दुनिया के 196 देशों में कोहराम मचाने वाले कोरोना वायरस की रूस में चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे थे. रूस में कोरोना वायरस के संक्रमण के बेहद ही कम मामले शुरुआत में सामने आए थे. एक सप्ताह पहले ही रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने दावा किया था कि रूस में कोरोना वायरस का संक्रमण नियंत्रण में है. लेकिन अब अचानक ही रूस में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में तेजी आने लगी है. लगातार सामने आते संक्रमण के मामलों ने पुतिन के दावों को खारिज कर दिया है तो रूस में हड़कंप भी मच गया है.

यही वजह है कि रूस ने कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने की अपनी रणनीति में बदलाव किया है. क्योंकि तेजी से सामने आते मामलों को देख कर रूस के प्रशासन को कोरोना वायरस की महामारी का अंदेशा हो गया है.

बुधवार को ही राष्ट्रपति पुतिन ने देश को संबोधित करते हुए लोगों से हालात की गंभीरता को समझते हुए घर के भीतर रहने की अपील की थी. साथ ही अगले सप्ताह की छुट्टी को पेड हॉलिडे घोषित किया था. इसके साथ ही रूस की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भी कई घोषणाएं की थीं. पुतिन रूस की जनता को कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकने के लिए कड़वी गोली देने में बचते रहे.

लेकिन रूस के प्रशासन ने गुरूवार आधी रात से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करने की घोषणा कर बड़ा आदेश सुना दिया. गुरूवार 26 मार्च और शुक्रवार 27 मार्च की आधी रात से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रोक दी जाएंगी जबकि केवल वही विशेष उड़ानें रूस में आ सकेंगी जो कि दूसरे देशों खास तौर से कोरोना प्रभावित देशों में फंसे रूसी नागरिकों को वापस लाने का काम करेंगी. हालांकि सरकार का ये आदेश रूस में घरेलु उड़ानों पर नहीं लागू होगा. इसके पिछले सप्ताह रूस ने अपनी सभी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को बंद कर दिया था.



गुरूवार को मॉस्को के मेयर ने राजधानी के सभी रेस्टोरेंट, बार, दुकान और कैफे को एक सप्ताह तक बंद करने का आदेश जारी कर दिया. ये रूस में अब तक के सबसे कड़े कदम हैं जो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए हैं.

गुरूवार को रूस के स्वास्थ विभाग ने अब तक के सबसे ज्यादा एक दिन में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले दर्ज किए जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी. अकेले गुरुवार को ही कोरोना संक्रमण के 182 नए मामले सामने आए जिसके साथ रूस में कुल कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद 840 पहुंच चुकी है. वहीं  जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक 3 लोगों के मारे जाने की खबर है.

रूस में सबसे ज्यादा उन लोगों के संक्रमण के मामले सामने आए जो कि इटली से लौटे हैं. रूस ने भी शुरुआत में इटली की ही तरह विदेश से आए नागरिकों की जांच में कोताही बरती. रूस ने यूरोप से आए लोगों की जांच तुरंत नहीं की. खुद रूसी प्रशासन ये मान रहा है कि विदेश से लौटे लोगों की कोरोना जांच नहीं की गई जिस वजह से पुराने आधिकारिक आंकड़ों में हेरफेर हो सकता है.

अगर ऐसा होता है तो रूस को चीन से मिली इस महामारी की चुनौती से निपटने के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी. खुद पुतिन ये मानते हैं कि रूस जैसे बड़े देश में कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगा पाना इतना आसान नहीं होगा. वहीं चीन के साथ ही रूस की सबसे लंबी सीमा भी लगती है. ऐसे में चीन की सीमा बंद करने का देर से लिया फैसला भी रूस के लिए घातक साबित हो सकता है.

एक दिन पहले ही रूस कोरोना वायरस के खौफ के बीच भूकंप के झटकों से दहल गया था. कुरील द्वीप से उठे भूकंप के तेज झटकों ने रूस को हिला कर रख दिया था.  कुरील द्वीप को भूकंप के लिए संवेदनशील माना जाता है और साल 2009 में भी यहां भूकंप आ जा चुका है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 27, 2020, 12:05 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर

भारत

  • एक्टिव केस

    5,218

     
  • कुल केस

    5,865

     
  • ठीक हुए

    477

     
  • मृत्यु

    169

     
स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
हॉस्पिटल & टेस्टिंग सेंटर

दुनिया

  • एक्टिव केस

    1,147,364

     
  • कुल केस

    1,598,168

    +80,145
  • ठीक हुए

    355,401

     
  • मृत्यु

    95,403

    +6,946
स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
हॉस्पिटल & टेस्टिंग सेंटर