होम /न्यूज /दुनिया /UN में भारत की मुहिम को फिर मिला मित्र देश रूस का साथ, जानें ताजा डेवलपमेंट

UN में भारत की मुहिम को फिर मिला मित्र देश रूस का साथ, जानें ताजा डेवलपमेंट

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍य बनाने की वकालत की है. (ANI)

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍य बनाने की वकालत की है. (ANI)

India-Russia: भारत लंबे समय से संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता की मांग कर रहा है. रूस समेत कई देश न ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

संयुक्‍त राष्‍ट्र में फिर उठा सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा
रूस ने की सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍य बनाने की वकालत
भारत समेत 31 देशों ने संयुक्‍त बयान जारी कर सुधार की मांग दोहराई

न्‍यूयॉर्क. अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर एक बार फिर से रूस ने दोस्‍ती का धर्म निभाते हुए भारत का पुरजोर समर्थन किया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 77वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुरक्षा परिषद को और लोकतांत्रिक बनाने की वकालत की. उन्‍होंने कहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशें का प्रतिनिधित्‍व बढ़ाकर ऐसा किया जा सकता है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि भारत को सुरक्षा परिषद की स्‍थयी सदस्‍यता प्रदान की जानी चाहिए. सर्गेई लावरोव ने ब्राजील को भी इस विशिष्‍ट समूह में शामिल करने की वकालत की है. बता दें कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में फिलहाल 5 देशों को स्‍थायी सदस्‍यता मिली हुई है. भारत लंबे समय से इस ग्रुप में शामिल होने की मांग कर रहा है.

इससे पहले भारत समेत 31 देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुधार को लेकर बयान जारी किया था. इसमें सुरक्षा परिषद का विस्‍तार करने की बात कही गई थी. बयान में सुरक्षा परिषद की स्‍थायी और अस्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या बढ़ाने की मांग की गई है. इसके साथ ही इसकी कार्यशैली में भी सुधार करने की वकालत की गई, ताकि इसे संयुक्‍त राष्‍ट्र को और ज्‍यादा प्रभावी एवं स्‍वीकार्य बनाया जा सके. भारत समेत इन देशों ने मौजूदा वैश्विक हालात को मद्देनजर रखते हुए सुरक्षा परिषद में तत्‍काल सुधार करने की आवश्‍यकता बताई. बता दें कि विश्‍व में शांति और सुरक्षा को बनाए रखने को लेकर सुरक्षा परिषद मुख्‍य संगठन है.

सर्गेई लावरोव ने बताया भारत क्यों रहा प्रतिबंधों से दूर, कहा-इसकी विदेश नीति किसी की मोहताज नहीं 

भारत समेत दुनिया के 31 देशों ने बयान जारी कर कहा, ‘सुरक्षा परिषद में सुधार की दिशा में किसी तरह की प्रगति नहीं होने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. इससे न केवल यूएन की प्रासंगिकता, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है. इसका असर संयुक्‍त राष्‍ट्र के उद्देश्‍यों, सिद्धांतों और वादों पर भी पड़ेगा.’ बता दें कि संयुक्‍त राष्‍ट सुरक्षा परिषद में सुधार विस्‍तार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है.

गौरतलब है कि भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍य बनाने की मांग करता आ रहा है. रूस समेत सुरक्षा परिषद के कई मौजूदा सदस्‍य देश भारत की मांग को जायज ठहरा चुके हैं, लेकिन चीन की तरफ से लगातार रोड़ा अटकाया जा रहा है. अब रूस ने एक बार फिर से भारत को सुरक्षा परिषद का स्‍थायी सदस्‍य बनाने की मांग की है. मॉस्‍को का कहना है कि भारत, ब्राजील जैसे देशों को स्‍थायी सदस्‍य बनाए बिना सुरक्षा परिषद लोकतांत्रिक नहीं हो सकता है.

Tags: India Russia bilateral relations, International news, United Nation General Assembly

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें