16 जून के बाद खत्म होंगे रूस और अमेरिका के मतभेद! पुतिन के कार्यालय ने जो कहा वो पढ़ना जरूरी है

बाइडन जी7 समूह के नेताओं की बैठक के लिए ब्रिटेन की यात्रा और ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद जिनेवा में शिखर सम्मेलन हिस्सा लेंगे.

बाइडन जी7 समूह के नेताओं की बैठक के लिए ब्रिटेन की यात्रा और ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद जिनेवा में शिखर सम्मेलन हिस्सा लेंगे.

Putin-Biden summit: पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जिनेवा में 16 जून के शिखर बैठक के बाद सुधार होने की उम्मीदों को लेकर चेतावनी दी और इस बात पर जोर दिया कि मास्को और वॉशिंगटन के बीच मतभेद बहुत गहरे हैं.

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मास्को. रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच अगले महीने होने वाली शिखर बैठक के परिणामों के बारे में अत्यधिक उम्मीदों के प्रति आगाह किया लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस बैठक के महत्व को स्वीकार किया. पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जिनेवा में 16 जून के शिखर बैठक के बाद सुधार होने की उम्मीदों को लेकर चेतावनी दी और इस बात पर जोर दिया कि मास्को और वॉशिंगटन के बीच मतभेद बहुत गहरे हैं.

पेसकोव ने एक संवाददाताओं सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी नकारात्मकता हो गई है. इसलिए यह उम्मीद करना मुश्किल है कि पहली ही बैठक के दौरान गहरी असहमति पर कोई समझ बनाना संभव होगा.’’

क्यों आया अमेरिका और रूस के बीच तनाव?

रूस द्वारा 2014 में क्रीमिया के विलय के बाद तथा पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी विद्रोहियों के लिए इसके समर्थन, अमेरिका के चुनाव में मास्को के हस्तक्षेप, हैकिंग हमलों और अन्य मुद्दों के कारण अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ रूस के संबंधों में तनाव आ गया है. क्रेमलिन ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को रूस के विकास को बाधित करने के प्रयास करार देते हुए उनकी निंदा की है.
पेसकोव ने कहा, ‘‘मैं बैठक के परिणामों के बारे में अत्यधिक उम्मीदों के प्रति आगाह करूंगा लेकिन इस धारणा के साथ आगे बढ़ूंगा कि यह व्यावहारिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. बैठक के महत्व को कमतर करना गलत होगा.’’


बाइडन जी7 समूह के नेताओं की बैठक के लिए ब्रिटेन की यात्रा और ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद जिनेवा में शिखर सम्मेलन हिस्सा लेंगे. इसके एजेंडे में हथियार नियंत्रण, यूक्रेन की स्थिति, दोनों देशों द्वारा कोरोना वायरस महामारी को रोकने के प्रयास और बहुत कुछ शामिल होने की उम्मीद है.

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