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    चीन ने कहा- द्विपक्षीय मुद्दों को सही तरीके से निपटाएंगे, 40 सैनिकों की मौत को बताया अफवाह

    चीन ने कहा- सारे मुद्दे सही तरीके से निपटाए जा सकते हैं.
    चीन ने कहा- सारे मुद्दे सही तरीके से निपटाए जा सकते हैं.

    चीन (China) ने भारत के साथ जारी द्विपक्षीय मुद्दों को भी सही तरीके से निपटाए जाने पर प्रतिबद्धता जाहिर की. गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प (India-China Rift) के बाद रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में वांग की ये टिप्पणी चीन के नरम पड़ते रुख की तरफ इशारा करती है.

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    बीजिंग. चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने कहा है कि भारत (India), रूस (Russia) और चीन को अपने रिश्तों के समग्र हितों की रक्षा के लिए द्विपक्षीय संबंधों के 'संवेदनशील मुद्दों' को सही तरीके से संभालना चाहिए और ठीक तरीके से इससे निपटना चाहिए. चीन ने भारत के साथ जारी द्विपक्षीय मुद्दों को भी सही तरीके से निपटाए जाने पर प्रतिबद्धता जाहिर की. गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प (India-China Rift) के बाद रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में वांग की ये टिप्पणी चीन के नरम पड़ते रुख की तरफ इशारा करती है.

    चीन के विदेश मंत्री ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच मौजूदा सैन्य तनाव का सीधे-सीधे उल्लेख किए बगैर कहा कि तीनों देशों को 'आपसी रिश्तों के समग्र हितों की रक्षा के लिए द्विपक्षीय संबंधों में संवेदनशील मुद्दों को ठीक तरीके से संभालना और उससे उचित तरीके से निपटना चाहिए.' भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बैठक में उपस्थित थे. उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के स्तर को बढ़ाने के लिए आरआईसी के रक्षा मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित करने के रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया.

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    अब सहयोग और शांति पर जोर दे रहा चीन
    चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार वांग ने जोर दिया कि चीन, रूस और भारत बड़े देश हैं, जो सामरिक स्वायत्तता पर जोर देते हैं. उन्होंने कहा कि तीनों देशों को समग्र सहयोग बढ़ाने के अवसर का लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'तीनों देशों के विकास को बढ़ावा देने वाले साझा हितों और विश्व के शांतिपूर्ण विकास की रक्षा करते हुए काम करना चाहिए. हमें आपसी हितों की समग्र स्थिति को बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय संबंधों के संवेदनशील मुद्दों से सही तरीके से और ठीक तरीके से निपटना चाहिए.' चीन के विदेश मंत्री ने कहा, 'हमें सहयोग की समग्र गति का अच्छा उपयोग करना चाहिए जिसमें तीनों देश भागीदार हैं और एक दूसरे के लिए अवसर भी मौजूद हैं.' उन्होंने कहा कि तीनों देशों को बहुपक्षवाद का पालन करना चाहिए और वैश्विक सुशासन को बढ़ावा देना चाहिए.

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    उन्होंने कहा कि तीनों देशों को विभिन्न क्षेत्रों में शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सहयोग के स्तर को बेहतर करना चाहिए और ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के बीच एकजुटता और सहयोग को बनाए रखना चाहिए. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि तीनों देशों को कोविड-19 महामारी के खिलाफ सहयोग बढ़ाना चाहिए और इससे मुकाबले के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए. दवा और टीका अनुसंधान, महामारी पर सूचना को लेकर अपने अनुभव साझा करने चाहिए.

    40 सैनिकों के मारे जाने को चीन ने 'फर्जी सूचना' करार दिया
    उधर चीन ने भारत और चीनी सैनिकों के बीच 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में अपने सैनिकों के हताहत होने पर मंगलवार को पहली बार चुप्पी तोड़ी और पूर्वी लद्दाख में हुए टकराव में अपने 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने को 'फर्जी सूचना' करार दिया. झड़प के बाद से ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के हताहतों की संख्या के सवाल पर बचते रहे चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने पूर्व सेना प्रमुख और सड़क व परिवहन मंत्री जनरल (अवकाश प्राप्त) वी. के. सिंह की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था, 'अगर हमारे 20 जवान शहीद हुए हैं तो उनकी (चीनी) तरफ दोगुने सैनिक मारे गए हैं.'



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    मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रतिक्रिया मांगे जाने पर झाओ ने मंगलवार को कहा, 'कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों से इस मामले को सुलझाने के लिये चीन और भारत एक दूसरे से बात कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'जैसा कि आपने मीडिया में देखा, उदाहरण के लिये, कुछ लोगों ने कहा कि चीनी पक्ष के 40 लोगों की जान गई. मैं आपको विश्वास के साथ इतना बता सकता हूं कि यह गलत खबर है.' उन्होंने इस संबंध में और विवरण नहीं दिया. यह पहला मौका था जब चीन की तरफ से हताहतों को लेकर कोई बयान आया है. चीन ने हताहतों की संख्या का खुलासा नहीं किया है लेकिन ऐसी खबरें हैं कि झड़प में मारे गए चीनियों में उनकी सेना का कमांडिंग अफसर भी शामिल था. इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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