होम /न्यूज /दुनिया /

रूस ने दी सीमा पर परमाणु हमले की धमकी, अमेरिकी विदेश मंत्री ने की सुरक्षा परिषद से कड़े कदम उठाने की मांग

रूस ने दी सीमा पर परमाणु हमले की धमकी, अमेरिकी विदेश मंत्री ने की सुरक्षा परिषद से कड़े कदम उठाने की मांग

विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने UNSC में रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकने का आह्वान किया है.  (फोटो-न्यूज़18)

विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने UNSC में रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकने का आह्वान किया है. (फोटो-न्यूज़18)

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के हर सदस्य राष्ट्र से इस बाबत ‘‘स्पष्ट संदेश’’ भेजने का आह्वान किया कि रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकी जानी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

रूसी राष्ट्रपति ने आपात स्थिति में परमाणु हथियार इस्तेमाल की धमकी दी.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने UNSC में रूस को ऐसे कदम उठाने से रोकने की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र. अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के हर सदस्य राष्ट्र से इस बाबत ‘‘स्पष्ट संदेश’’ भेजने का आह्वान किया कि रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकी जानी चाहिए. ब्लिंकन ने यूक्रेन में रूसी हमले के बारे में परिषद के एक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही.  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्र को खतरा होने की सूरत में अपने लोगों की रक्षा के मद्देनजर परमाणु शक्ति संपन्न उनका देश हर उपलब्ध विकल्प का उपयोग करेगा.

रूस की परमाणु हथियार के उपयोग की धमकी पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपने संबोधन के दौरान इस पर कहा कि रूस यूक्रेन के संप्रभुता को नष्ट करने में लगा है. इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा की तरह रूसी हमले के विरोध में यूक्रेन के साथ खड़ा है. साथ ही बाइडन ने सुरक्षा परिषद में वीटो के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात भी कही और साथ ही ये भी कहा कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने का समर्थन करता है.

रूसी राष्ट्रपति की आखिर क्या थी धमकी? 

रूस के सैन्य सिद्धांत के मुताबिक परमाणु हथियार तभी इस्तेमाल किए जाएंगे जब रूस बतौर एक देश ख़तरे में होगा और पुतिन ने अपनी चेतावनी में कहा कि वो पश्चिम की धमकियों का जवाब दे रहे हैं. उन्होंने जब ये कहा कि वे धौंस नहीं दे रहे हैं, तो वे उस स्थिति की बात कर रहे थे जब रूस की सीमा को ख़तरा पैदा होगा. एक अहम सवाल ये है कि आगामी जनमत संग्रह के बाद वे यूक्रेन के कितने भूभाग तक अपनी सीमा का विस्तार देखते हैं.

इन बातों से ये पता चलता है कि परमाणु हथियारों का उपयोग फिलहाल संभव नहीं है. हालांकि इसकी संभावना को पूरी तरह ख़ारिज नहीं किया जा सकता, ख़ास कर तब जब पुतिन को लगता है कि उनके देश की सुरक्षा ख़तरे में है. निश्चित तौर पर पश्चिम की ख़ुफ़िया एजेंसियां पुतिन की बातों से अधिक रूस के वास्तविक व्यवहार पर नज़र रखेंगी.

Tags: Russia, Ukraine, UNSC meetings, USA

अगली ख़बर