रूस के संविधान में हुआ संशोधन, व्लादिमीर पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति

रूस के संविधान में हुआ संशोधन, व्लादिमीर पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति
व्लादिमीर पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) अब वर्ष 2036 तक रूस की सत्ता में बने रहेंगे. मतलब यह कि अब अगले 16 साल तक(Next Sixteen Year President) पुतिन देश के राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे.

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मास्को. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) अब वर्ष 2036 तक रूस की सत्ता में बने रहेंगे. मतलब यह कि अब अगले 16 साल तक(Next Sixteen Year President)  पुतिन देश के राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे. पुतिन ने सत्ता में बरकरार रखने की अनुमति वाले संविधान संशोधनों (Costituional Amendment) को लागू करने के लिए 3 जुलाई को आदेश दिए हैं. एक सप्ताह लंबे चले जनमत संग्रह के दौरान मतदाताओं द्वारा बदलावों को मंजूरी दिए जाने के बाद यह आदेश दिए गए हैं. पुतिन का वर्तमान कार्यकाल 2024 में समाप्त होगा. इसके बाद नए संशोधन के हिसाब से दो छह-छह साल के कार्यकाल लागू होंगे. क्रेमलिन आलोचकों ने इस परिणामों की निंदा की थी. हालांकि, केंद्रीय चुनाव आयोग ने शुक्रवार (3 जुलाई) को इन आरोपों को खारिज कर दिया।

छह साल के दो और कार्यकाल संभालेंगे पुतिन

रूस की सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह संशोध आज यानि 4 जुलाई से लागू होंगे. इन बदलावों के साथ ही पुतिन को वर्तमान कार्यकाल के बाद भी छह वर्ष के दो कार्यकाल के लिए अनुमति मिल जाएगी.



जनवरी में ही संविधान संशोधन का किया था प्रस्ताव
पुतिन ने जनवरी में संविधान संशोधन का प्रस्ताव किया था. उन्होंने आगे भी अपने पद पर बरकरार रहने और अन्य मामलों को लेकर देशभर में जनमत संग्रह का आह्वान किया था. हालांकि, रूस की संसद में बदलावों पर मुहर लगने के बाद कानूनी रूप से जनमत संग्रह की कोई आवश्यकता नहीं थी.

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इस संशोधन में समान जेंडर यानि लिंग वालों को शादी की अनुमति नहीं दी गई है. इसके साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय नियमों पर रूसी कानून की प्रधानता पर जोर देता है.

संशोधन लोगों की इच्छा से प्रभावी हो जाते हैं: पुतिन

संविधान संशोधन के एक आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद पुतिन ने कहा कि संशोधन लागू होते हैं. कानून लागू किए बिना ही लोगों की इच्छा से ही प्रभावी हो जाते हैं. संशोधन का मसौदा तैयार करने वाले सांसदों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि एक देश के बतौर हमने मिलकर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
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