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खुलासा! रूसी नेता नवेलनी को अंडरवियर के जरिए दिया गया था नर्व एजेंट जहर

रूस के विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी को उनके अंडरवियर के जरिए नोवोचिक नर्व एजेंट जहर दिया गया था.  (फोटो- AP)
रूस के विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी को उनके अंडरवियर के जरिए नोवोचिक नर्व एजेंट जहर दिया गया था. (फोटो- AP)

Alexey Navalny poisoned underpants: रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी FSB के एजेंट ने खुलासा किया है कि विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी को उनके अंडरवियर के जरिए नोवोचिक नर्व एजेंट जहर दिया गया था. इस घटना के बाद नवेलनी कई दिनों तक कोमा में थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 22, 2020, 12:57 PM IST
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मॉस्को. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के प्रमुख आलोचक एलेक्सी नवेलनी (Alexei Navalny) को जहर देने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक नवेलनी को जहर उनके अंडरवियर के जरिए दिया गया था. रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी FSB के एक एजेंट ने इस बात का खुलासा किया है कि कैसे एक पूरी टीम ने इस काम को अंजाम दिया था. एजेंट ने ये खुलासा नवेलनी को फोन कर किया था, जिसकी रिकॉर्डिंग को उन्होंने सार्वजनिक किया है.

CNN की इस इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक नेवालनी को रूस का बदनाम नोविचोक (Novichok) नर्व एजेंट जहर दिया गया था. इस नर्व एजेंट को उनके अंडरवियर पर छिड़क दिया गया था और ये काम उनके होटल रूम में एक एजेंट ने किया था. इस FSB एजेंट का नाम Konstantin Kudryavtsev है जो कि इस टीम का हिस्सा भी था. एजेंट के मुताबिक इस काम को साइबेरिया के टोम्स्क शहर के एक होटल इमं अंजाम दिया गया था. इस एजेंट की जिम्मेदारी नवेलनी के रूम से निकलने के बाद उसे अच्छी तरह से साफ़ करना था क्योंकि इस नर्व एजेंट की थोड़ी सी भी मात्रा के कोई होटल स्टाफ गंभीर रूप से बीमार हो सकता था और पूरे प्लान की पोल खुल सकती थी.

पुतिन ने कहा था- मैं चाहता तो वे ज़िदा न होते
बता दें कि दो ही दिन पहले पुतिन ने नवेलनी पर हुए घातक हमले से जुड़े एक सवाल पर पुतिन ने हंसते हुए कहा कि अगर मैं ये चाहता तो वे आज जिंदा नहीं घूम रहे होते. पुतिन के इस जवाब से कुछ सेकेंड तक इंटरव्यू लेने वाला शख्स भी हैरान रह गया. पुतिन ने कहा- अगर ऐसा करना चाहता, तो ऐसा किया जा सकता था. पुतिन ने स्पष्ट कहा कि वे अगर उन्हें मारना चाहते तो वे आज जिन्दा नहीं होते.
बता दें कि जर्मनी के अलावा फ्रांस और स्वीडन की एक्सपर्ट लैब में हुए टेस्ट के बाद नवेलनी को सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने की पुष्टि हुई थी. जर्मनी की एक सैन्य प्रयोगशाला ने भी पूर्व में उनके नमूनों में इस पदार्थ की पुष्टि की थी. 2017 में नवेलनी पर हमला हुआ था.उस समय उन पर एंटिसेप्टिक डाई से हमला हुआ जिस वजह से उनकी दाहिनी आंख केमिकल बर्न से प्रभावित हुई थी. पिछले साल ही उनके एंटी करप्शन फ़ाउंडेशन को विदेशी एजेंट घोषित किया गया था.



पूर्व सोवियत वैज्ञानिक ने भी किया था दावा
जर्मनी में रह रहे सोवियत संघ के पूर्व वैज्ञानिक रहे व्लादिमीर उग्लेव ने दावा किया है कि नोविचोक या इसी से मिलते-जुलते किसी जहर को एलेक्सी के अंडरवियर, अंडरपैंट, अंडरशर्ट या सॉक्स के जरिए उनके शरीर में पहुंचाया गया है. कातिल ने उनके इनरवियर पर बस इसे छिड़क दिया होगा और ये इतना घातक है कि इतना भी काफी था. 73 साल के व्लादिमीर उग्लेव ने बताया कि रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी के किसी एजेंट के लिए एलेक्सी के रूम तक पहुंचना बेहद आसान था. वह शख्स बाद होटल रूम में घुसा और उनके कपड़ों और खासकर अंडरवियर पर इसे छिड़क भर दिया. एलेक्सी ने अनजाने में कपड़े पहन लिए और ये उनके शरीर तक त्वचा के जरिए पहुंच गया.

बेहद खतरनाक जहर है नोविचोक
नोविचोक नाम का खास जहर दो साल पहले भी खूब चर्चित हुआ था जब ब्रिटेन में रह रहे पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी को इसी जहर से निशाना बना कर मार डाला गया था. नोविचोक एक खास तरह का रासायनिक हथियार है. इस जहर की बड़ी बात यह है कि यह आसानी से पकड़ में नहीं आता है. शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ में फोलिएंट नाम को कोडनेम के कार्यक्रम के तहत यह चौथी पीढ़ी के रासायनिक हथियार की श्रेणी के 1970-1980 के बीच विकसित नर्व एजेंट के समूह है जिसे नोविचोक कहा जाता है.



नोवोचिक नर्व एजेंट के कई प्रारूप ऐसें हैं जो वीएक्स नर्व एजेंट से पांच से आठ गुना और सोमन से दस गुना ज्यादा जहरीले होते हैं. यह एजेंट कब तक प्रभावी रहता है इस पर विशेषज्ञों की राय एक नहीं है. वैसे भी इस तरह के हथियारों के नए संस्करण पहले से ज्यादा घातक और ज्यादा देर तक प्रभावी हो सकते हैं. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कई सालों तक सहेज कर रखा जा सकता है और फिर भी वह उतना ही प्रभावी बना रह सकता है.




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