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रूस की हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण सफल , नाटो ने बताया क्षेत्र के लिए खतरा

रूस की हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण सफल , नाटो ने बताया क्षेत्र के लिए खतरा

मिसाइल  ( प्रतीकात्‍मक फोटो )

मिसाइल ( प्रतीकात्‍मक फोटो )

रूस (Russia) की सेना ने सोमवार को एक नयी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Missile ) का कामयाब परीक्षण किया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूस के उत्तर में श्वेत सागर में स्थित एडमिरल गोर्शकोव युद्धपोत से यह परीक्षण किया गया. मंत्रालय ने कहा कि ध्वनि से सात गुना अधिक रफ्तार से इस मिसाइल ने बेरिंट सागर के तट से 350 किलोमीटर दूर लक्ष्य को सटीकता से भेद दिया. रूस की नौसेना ने नयी मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए थे. पिछले साल अक्टूबर में पुतिन के जन्मदिन पर भी इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था.

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    मॉस्को . रूस (Russia)  की सेना ने सोमवार को एक नयी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Missile) का कामयाब परीक्षण किया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूस के उत्तर में श्वेत सागर में स्थित एडमिरल गोर्शकोव युद्धपोत से यह परीक्षण किया गया. मंत्रालय ने कहा कि ध्वनि से सात गुना अधिक रफ्तार से इस मिसाइल ने बेरिंट सागर के तट से 350 किलोमीटर दूर लक्ष्य को सटीकता से भेद दिया. रूस की नौसेना ने नयी मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए थे. पिछले साल अक्टूबर में पुतिन के जन्मदिन पर भी इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( Vladimir Putin)  ने कहा है कि जिरकॉन मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से नौ गुना तेजी से उड़ान भरेगी और इसका दायरा 1,000 किलोमीटर तक है. पुतिन ने कहा है कि इस मिसाइल की तैनाती से रूस की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी होगी.  अधिकारियों ने कहा कि यह परीक्षण इस साल पूरा हो जाएगा. जिरकॉन मिसाइल को युद्धपोतों, पनडुब्बियों, फ्रिगेट पर तैनात करने की योजना है. रूस कई हाइपरसोनिक मिसाइलें विकसित कर रहा है और यह मिसाइल भी उनमें से एक है.

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    उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने रूस के मिसाइल परीक्षण पर बयान जारी कर कहा कि इससे भड़काऊ कृत्यों का खतरा बढ़ेगा. नाटो ने कहा, ‘‘रूस की हाइपरसोनिक मिसाइल यूरोप अटलांटिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है. नाटो के सहयोगी रूस की पारंपरिक और परमाणु-सक्षम मिसाइलों की बढ़ती श्रृंखला के लिए जवाब देने को प्रतिबद्ध हैं. रूस जो कर रहा है वह हम नहीं करेंगे लेकिन हम अपने राष्ट्रों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’

    रूस से S-400 मिसाइल सिस्‍टम खरीदेगा भारत- रिपोर्ट

    अमेरिकी संसद (US Congress) की ओर से दी गई प्रतिबंधों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए भारत (India) रूस (Russia) से शक्तिशाली एस 400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्‍टम (S-400 Missile System) की खरीद के लिए पूरी तरह से आगे बढ़ रहा है. एस-400 रूस की सबसे उन्नत लंबी दूरी तक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के रूप में जानी जाती है. पिछले महीने रूस ने कहा था कि अमेरिकी पाबंदियों की धमकी के बावजूद एस-400 मिसाइल प्रणाली की पहले खेप की आपूर्ति समेत वर्तमान रक्षा सौदों को आगे बढ़ाया जा रहा है. सितंबर-अक्‍टूबर में इसकी डिलीवरी शुरू होने से पहले भारतीय वायुसेना की बड़ी टीम इस महीने के अंत तक रूस का दौरा करेगी. भारत ने अक्टूबर, 2018 में रूस से पांच एस-400 मोबाइल स्‍क्‍वाड्रन खरीदने के लिए 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था. भारत ने इस मिसाइल प्रणाली के लिए रूस को 2019 में 80 करोड डॉलर की पहली किश्त का भुगतान किया था. वहीं ये मिसाइल सिस्‍टम अप्रैल 2023 तक भारत आने की संभावना है.undefined

    Tags: Missile, Missile trial, NATO, Russia, Vladimir Putin

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