अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या के आरोपी सईद शेख को अभी नहीं होगी रिहाई

अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या के मुख्य आरोपी अहमद उमर सईद शेख के पिता वकील के साथ (Photo:AP)
अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या के मुख्य आरोपी अहमद उमर सईद शेख के पिता वकील के साथ (Photo:AP)

अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल (Daniel Pearl) की हत्या के मामले में ब्रिटिश मूल के एक पाकिस्तानी अहमद उमर सईद शेख को इस मामले में बरी किए जाने के बावजूद तीन महीने जेल (Jail) में रहना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 8:42 PM IST
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इस्लामाबाद. अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल (Daniel Pearl ) की हत्या के मामले में ब्रिटिश मूल के एक पाकिस्तानी को इस मामले में बरी किए जाने के बावजूद तीन महीने जेल (Jail) में रहना होगा. बुधवार को जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार अमेरिकी पत्रकार पर्ल की हत्या में प्रमुख संदिग्ध अहमद उमर सईद शेख (Ahmed Omar Saeed Sheikh) को अभी तीन महीने जेल काटनी पड़ेगी. पाकितान सुप्रीम कोर्ट में हुई इस हाई-प्रोफाइल मामले की संक्षिप्त सुनवाई के दौरान यह तय हुआ कि अहमद उमर सईद शेख अदालत ने पर्ल के परिवार द्वारा शेख को वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्टर पर्ल के सिर काटने के अपराध पर मौत की सजा बरकरार रखने की मांग की अपील पर सुनवाई हुई थी.

अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी

पर्ल के परिवार के वकील फैसल सिद्दीकी ने बताया कि सरकारी वकील फियाज शाह ने न्यायाधीशों से कहा कि उन्हें इस मामले के संबंध में कागजी कार्रवाई के लिए और अधिक समय चाहिए. सरकारी वकील फियाज शाह की मांग पर न्यायाधीशों ने सुनवाई 21 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी. फैसल सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि संदिग्ध अहमद उमर सईद शेख की 90 दिनों की नजरबंदी खत्म होने से पहले मुकदमे का फैसला आ जाएगा.



आज थी रिहा होने की उम्मीद
शेख के वकील महमूद शेख ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उन्हें बुधवार को अपने मुवक्किल के रिहा होने की उम्मीद थी. शेख ने कहा कि मेरे मुवक्किल को अनिश्चित काल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता. महमूद शेख ने कहा कि उन्होंने पहले ही बुधवार को सिंध प्रांत में शेख को रखने के तीन महीने और हिरासत में रखने के निर्णय को चुनौती दी है. लोकल अदालत में इस मामले की सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी.

रिहाई में लग सकते हैं अभी कई वर्ष

पाकिस्तान की त्रुटिपूर्ण कानूनी प्रणाली के तहत शेख के बरी होने के खिलाफ की गई अपील की प्रक्रिया में सालों लग सकते हैं. अप्रैल में उसके बरी होने के बावजूद सरकार ने यह कहते हुए शेखों की रिहाई का विरोध किया है कि उसकी रिहाई से आम जनता की ज़िंदगी खतरे में पड़ सकती है.

कराची से पर्ल को किया था अगवा

शेख को पर्ल को पाकिस्तान के शहर कराची की एक बैठक में बुलाने के लिए दोषी करार किया गया. इसी बैठक से पर्ल को अगवा किया गया था. पर्ल पाकिस्तानी आतंकवादियों और रिचर्ड सी. रीड के बीच संबंध की जांच कर रहा था. रिचर्ड सी. रीड को शू बॉम्बर के नाम से भी जाना जाता है जिसने पेरिस से मियामी की उड़ान के दौरान अपने जूते में छिपे विस्फोटक से हवाईजहाज में धमाका करने की कोशिश की थी.

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निचली अदालतों के अप्रैल के फैसले ने शेख और तीन अन्य साथियों को बरी कर दिया था. इन तीनों को उनकी भूमिका के लिए जेल में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. निचली अदालत ने शेख को केवल अपहरण का दोषी मानते हुए सुनाई थी. इस फैसले से अमेरिकी सरकार, पर्ल परिवार और पत्रकारिता के एडवोकेसी समूह भौचक्के रह गए थे. पर्ल परिवार का कहना है कि उसे अमेरिकी विदेश विभाग से आश्वासन मिलता रहा है कि वह शेख के बरी होने मामलों पर बारीक नजर बनाये हुए है.
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