कोरोना का खात्मा करेगा 'क्रांतिकारी' स्प्रे, नाक में जाएगा और मारेगा 99.99 फीसदी वायरस

कोवैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी भारत बायोटेक कोरोफ्लू नाम से एक दवा तैयार कर रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

कोवैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी भारत बायोटेक कोरोफ्लू नाम से एक दवा तैयार कर रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Coronavirus in World: द सन की रिपोर्ट बताती है कि ये स्प्रे 99.99 प्रतिशत वायरस खत्म कर देता है. साथ ही यह वायरस के फैलने से भी रोकता है. अमेरिका और ब्रिटेन (Britain) में हुए लैब टेस्ट बताते हैं कि SaNOtize का स्प्रे बग को ऊपरी वायुमार्ग में ही मार देता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 1:54 PM IST
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ओटावा. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में फिलहाल वैक्सीन हथियार का काम कर रही है. ऐसे में इस महामारी के खिलाफ नया हथियार सामने आया है. कनाडा की एक कंपनी (SaNOtize) ने एक स्प्रे तैयार किया है. कंपनी दावा कर रही है कि इस स्प्रे को नाक में डालने से वायरस में भारी कमी आती है. साथ ही इस स्प्रे की मदद से मरीज के इलाज का वक्त भी कम किया जा सकता है. इसके अलावा गंभीर लक्षणों का सामना कर रहे मरीज की स्थिति भी बेहतर हो सकती है.

द सन की रिपोर्ट बताती है कि ये स्प्रे 99.99 प्रतिशत वायरस खत्म कर देता है. साथ ही यह वायरस के फैलने से भी रोकता है. अमेरिका और ब्रिटेन में हुए लैब टेस्ट बताते हैं कि SaNOtize का स्प्रे बग को ऊपरी वायुमार्ग में ही मार देता है. इसके बाद इसे बढ़ने और फेफड़ों की तरफ जाने से रोकता है. स्प्रे से इलाज कराने वाले मरीजों में शुरुआती 24 घंटों में औसत वायरल रिडक्शन 1.362 रहा.

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आंकड़ों को देखें, तो इससे पता चलता है कि वायरस में 95 फीसदी तक की कमी आई है. वहीं, 72 घंटों में वायरल लोड 99 फीसदी से ज्यादा गिर गया. ब्रिटेन में हुए ट्रायल के मुख्य जांचकर्ता डॉक्टर स्टीफन विन्चेस्टर कहते हैं 'मुझे उम्मीद है कि महामारी के खिलाफ वैश्विक जंग में यह बड़ी जीत साबित होगी. मुझे लगता है कि ये क्रांतिकारी है.' भारत में भी इसी तरह की एक दवा बनाने के प्रयास जारी है.


कोवैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी भारत बायोटेक कोरोफ्लू नाम से एक दवा तैयार कर रही है. इस दवा का इस्तेमाल सिरींज के बजाए स्प्रे के तौर पर किया जाएगा. इस दवा के सामने आने के बाद कोरोना वायरस से जूझ रहे मरीजों के इलाज की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी. क्योंकि इसमें समय भी कम लगेगा और यहां प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी. स्प्रे की मदद से मरीज औऱ स्वास्थ्यकर्मी दोनों को आसानी होगी.
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