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आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को मिला सऊदी अरब का साथ, अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

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Updated: October 30, 2019, 6:10 AM IST
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को मिला सऊदी अरब का साथ, अहम समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Mosi) की यहां की सऊदी अरब की यह दूसरी यात्रा है.

सऊदी अरब (Saudi Arab) के बहुचर्चित वार्षिक वित्तीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेने पहुंचे PM मोदी (PM Modi) ने सऊदी अरब के शाह से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने पर अपने विचार साझा किए.

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  • Last Updated: October 30, 2019, 6:10 AM IST
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रियाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद ने आतंकवाद के सभी रूपों और घटनाओं की निंदा करते हुए द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. सऊदी अरब के बहुचर्चित वार्षिक वित्तीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेने के लिए यहां मौजूद PM मोदी ने सऊदी अरब के शाह से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने पर अपने विचार साझा किए.

प्रधानमंत्री मोदी के लिए शाह सलमान द्वारा आयोजित बैठक और भोज के बाद प्रधानमंत्री के आर्थिक संबंधों के सचिव टी.एस. त्रिमूर्ति ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद की सभी घटनाओं और रूपों में निंदा करते हुए द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच कृषि, तेल एवं गैस, समुद्री सुरक्षा नवीन प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी की शाम को सऊदी वली अहद (क्राउन प्रिंस) से मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योगों में सहयोग, सुरक्षा सहयोग, हवाई सेवा समझौते, नवीकरणीय ऊर्जा, चिकित्सा उत्पादों के नियमन और नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम जैसे क्षेत्रों में विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.

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भारत-सऊदी अरब संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के बीच मुलाकात से पहले खाड़ी देश के शीर्ष मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और ऊर्जा, श्रम, कृषि तथा जल प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की.



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया, ‘यह सदियों पुराने संबंधों को दर्शाता है. सऊदी अरब के शाह सलमान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया जो हमारे बढ़ते संबंधों के एक नए आयाम को रेखांकित करता है. महामहिम ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दोपहर के भोज की मेजबानी की.’

दो दिन की यात्रा पर गए हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार देर रात रियाद पहुंचे. वह ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’(एफआईआई) की बैठक में शामिल होने आए हैं. यह सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान की पहल है, जिसे ‘दावोस इन द डेजर्ट’ कहा जा रहा है. मोदी की यहां की यह दूसरी यात्रा है. 2016 में अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्हें सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. युवराज ने फरवरी 2019 में द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए भारत की यात्रा की थी.

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, श्रम एवं सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अलराज़ी और पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री अब्दुल रहमान बिन अब्दुल मोहसिन अल-फजली आदि मंत्रियों ने सऊदी राजधानी में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि सऊदी ऊर्जा मंत्री की प्रधानमंत्री के साथ बैठक सार्थक रही और दोनों नेताओं ने ‘दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग में सुधार के प्रयासों के बारे में चर्चा की.’



मोदी ने ऊर्जा मंत्री के साथ अपनी बैठक के बारे में ट्वीट किया, ‘भारत-सऊदी अरब की मित्रता में और अधिक ऊर्जा का संचार. प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान के साथ मेरी बेहतरीन बैठक हुई. ऊर्जा हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है.’ यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देशों ने महाराष्‍ट्र के रायगढ़ में महत्वाकांक्षी पश्चिमी तट रिफाइनरी परियोजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. इसमें सऊदी तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अरामको, यूएई की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी और भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां निवेश करेंगी.

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता
भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और वह अपनी तेल जरूरतों का 83 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. इराक के बाद सऊदी अरब इसका दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. उसने वित्त वर्ष 2018-19 में भारत को 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल बेचा, जबकि भारत ने 20.73 करोड़ टन तेल का आयात किया था. भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और अमेरिका तथा चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है. भारत हर महीने सऊदी अरब से करीब 2,00,000 टन एलपीजी खरीदता है.

सऊदी अरब में 26 लाख भारतीय  रहते हैं
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘एक सतत भविष्य के लिए तालमेल को लेकर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री अब्दुल रहमान बिन अब्दुल मोहसिन अल-फजली के साथ विस्तृत बैठक की.’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और जल प्रौद्योगिकी में सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज करने के लिए पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री के साथ ‘उपयोगी चर्चा’ की. प्रधानमंत्री मोदी ने श्रम और सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अलराज़ी से भी मुलाकात की और श्रम से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की. सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के 26 लाख लोग रहते हैं और वे सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय हैं.

सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना 
पिछले कुछ वर्षों में सऊदी अरब के साथ भारत के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं. 2017-18 में सऊदी अरब के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 27.48 अरब अमेरिकी डॉलर था और वह भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया. सऊदी अरब ने पिछले महीने कहा था कि वह भारत में ऊर्जा, तेलशोधन, पेट्रोकेमिकल, बुनियादी ढांचे, कृषि, खनिज और खनन आदि क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर का निवेश करने की उम्मीद कर रहा है.

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First published: October 29, 2019, 10:00 PM IST
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