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सऊदी अरब ने नारीवाद, समलैंगिकता और नास्तिकता को बताया अतिवाद, हो सकती है जेल

News18Hindi
Updated: November 12, 2019, 12:37 PM IST
सऊदी अरब ने नारीवाद, समलैंगिकता और नास्तिकता को बताया अतिवाद, हो सकती है जेल
स्‍टेट सिक्‍योरिटी एजेंसी ने उन सभी सिद्धांतों को अतिवाद में सूचीबद्ध किया है जो उनके विचारों से मेल नहीं खाते हैं.

सऊदी अरब (Saudi Arabia) के कानून के मुताबिक, अतिवाद (Extremism) का समर्थन करने वाले समूहों को अतिवादी संगठन (Extremist Organisation) के तौर पर चिह्नित किया गया है. साथ ही स्‍पष्‍ट कर दिया है कि इन संगठनों से जुड़े लेागों को जेल (Imprisonment) भेजा जा सकता है.

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  • Last Updated: November 12, 2019, 12:37 PM IST
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रियाद. रूढ़िवादी मुस्लिम साम्राज्य सऊदी अरब (Saudi Arabia) पिछले कुछ समय से सहिष्णुता (Tolerance) को बढ़ावा देने और विदेशियों को आकर्षित करने का लगातार प्रयास कर रहा है. इसी बीच सऊदी अरब की सरकारी सुरक्षा एजेंसी (State Security Agency) ने नारीवाद (Feminism), समलैंगिकता (Homosexuality) और नास्तिकता (Atheism) को अतिवादी विचार करार दे दिया है. स्‍टेट सिक्‍योरिटी प्रेसीडेंसी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से इससे जुड़ा एक एनीमेटिड वीडियो क्लिप शेयर किया गया है. इसमें कहा गया है कि हर तरह का अतिवाद और विकृति अस्‍वीकार्य होगी.

प्रिंस सलमान इस्‍लाम का उदार स्‍वरूप दिखाने की कर रहे हैं कोशिश
स्‍टेट सिक्‍योरिटी एजेंसी ने तकफिर (Takfir) के साथ उन सभी सिद्धांतों को इसमें सूचीबद्ध (Listed) किया है जो उनके विचारों से मेल नहीं खाते हैं. वीडियो के प्रोमो में कहा गया है कि देश की कीमत पर किसी भी तरह की ज्‍यादती को अतिवाद माना जाएगा. प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान (Prince Mohammed bin Salman) काफी समय से इस्‍लाम (Islam) का उदार स्‍वरूप दुनिया के सामने रखने की कवायद में जुटे हैं ताकि विदेशी निवेशक (Foreign Investors) सऊदी अरब में निवेश के लिए आकर्षित हों और तेल पर देश की अर्थव्‍यवस्‍था (Economy) की निर्भरता खत्‍म हो. वहीं, प्रिंस सलमान चाहते हैं कि सऊदी अरब में खुले समाज (Open Society) का सिद्धांत भी लागू हो.

प्रिंस सलमान ने कई पुरानी परंपराओं और नियमों को कर दिया खत्‍म

प्रिंस सलमान ने सामाजिक बंधनों को ढीला करने के साथ ही टूरिस्‍ट वीजा (Tourist) की व्‍यवस्‍था शुरू कर दी है. दरअसल, सऊदी अरब अगले साल 20 देशों के समूह की अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है. रियाद ने देश में लागू गार्जियनशिप सिस्‍टम (Guardianship System) को खत्‍म कर दिया है, जिसके तहत सऊदी की हर महिला को जीवन भर अपने महत्‍वपूर्ण फैसले लेने के लिए एक पुरुष रिश्‍तेदार की हामी की जरूरत रहती थी. इसके बाद जिसने भी इसका विरोध किया उसको गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारियों ने कई बुद्धिजीवियों, कार्यकार्ताओं और धर्मगुरुओं को गिरफ्तार किया. पिछले साल महिलाओं को ड्राइविंग की छूट देने से पहले दर्जन भर महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.

सरकार ने किया स्‍पष्‍ट, उसकी पहल पर ही होंगे समाजिक सुधार
सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनयिकों का कहना है, 'सरकार इन लोगों को गिरफ्तार कराने या हिरासत में लेकर यह बताना चाहती थी कि सभी तरह के सुधार सिर्फ उसकी पहल से ही होंगे.' सरकारी वकील का कहना था कि इन महिलाओं को विदेश में दुश्‍मनों को मदद कर सऊदी के हितों को नुकसान पहुंचाने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया गया था. साथ ही उन पर महिला अधिकारों के लिए संघर्ष के दौरान कुछ आरोप लगे थे. सऊदी कानून के मुताबिक अतिवादी संगठन के तौर पर चिह्नित किए गए संगठनों का समर्थन करने वालों को जेल भेजा जा सकता है. लंबे समय से निरंकुश राजशाही में समलैंगिकता और नास्तिकता का दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का प्रावधान है.
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First published: November 12, 2019, 11:50 AM IST
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