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PM मोदी की सऊदी अरब यात्रा : 100 बिलियन डॉलर के निवेश की उम्मीद, हुए कई बड़े समझौते

भाषा
Updated: October 29, 2019, 9:21 PM IST
PM मोदी की सऊदी अरब यात्रा : 100 बिलियन डॉलर के निवेश की उम्मीद, हुए कई बड़े समझौते
सऊदी अरब की ओर से भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश की बात कही गई है (फाइल फोटो)

सऊदी अरब (Saudi Arabia) में चल रहे फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम (Future Investment Initiative Forum) के पहले दिन 15 अरब डॉलर के 23 निवेश समझौतों (Investment Agreements) पर हस्ताक्षर किए गए.

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रियाद. सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बहुचर्चित वैश्विक वित्तीय सम्मेलन (Global financial conference) में मंगलवार को पहले दिन 15 अरब डॉलर से अधिक के 23 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) समेत कई अन्य देशों के नेता शिरकत करने पहुंचे हैं. जहां पीएम मोदी ने कई राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात भी की.

‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ बैनर तले हो रहे इस सम्मेलन को ‘मरुभूमि में दावोस’ (Davos in the desert) कहा जा रहा है. यह सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान (Mohammad Bin Salman) की पहल है.

पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करना चाहता है सऊदी अरब
युवराज की योजना सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का विविधीकरण करने की है, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों (Petrolium Products) पर उसकी निर्भरता को कम किया जा सके. इसके लिए एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण 2030 योजना तैयार की गई है.

सऊदी अरब जनरल इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (SAGIA) ने एक बयान में कहा कि ‘सऊदी में निवेश’ (इन्वेस्ट सऊदी) के तहत रियाद के रिट्ज कार्लटन होटल में सम्मेलन से अलग एक प्रतिबद्ध समारोह में कुल 15 अरब डॉलर मूल्य से अधिक के समझौते हुए.

बयान में कहा गया है कि यह समझौते दुनियाभर में सऊदी अरब (Saudi Arab) की ओर से निवेशकों को दी जाने वाली पेशकश की क्षमता को दिखाते हैं.

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एसएजीआईए के गवर्नर इब्राहिम अल-ओमार ने कहा, ‘‘आज यहां जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए वह (हमारी) अर्थव्यवस्था (Economy) की ताकत और विविधता को दिखाते हैं. सऊदी अरब महत्वाकांक्षी आर्थिक सुधार कार्यक्रम से गुजर रहा है और दुनिया इसका संज्ञान ले रही है.’’

विश्वबैंक (World bank) की इसी महीने जारी हुई कारोबार सुगमता सूची-2020 में सऊदी अरब की रैंकिंग 30 स्थान सुधरी है. उन्होंने कहा, ‘‘संकेत साफ है, सऊदी अरब ना सिर्फ कारोबार के लिए खुला है, बल्कि यह भविष्य की अर्थव्यवस्था है.’’

भारत पर एक सत्र को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में सरकार, उद्योगपति और वित्त पोषक भाग लेंगे. बैठक में वैश्विक व्यापार और उसकी प्रवृत्ति पर चर्चा के साथ आने वाले दशकों में वैश्विक निवेश परिदृश्य को लेकर अवसर और चुनौतियों पर बातचीत की जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी दो दिन की यात्रा पर सोमवार देर रात रियाद (Riyadh) पहुंचे. उन्होंने मंगलवार को सम्मेलन में ‘भारत के लिए आगे क्या’? (What next for India?) विषय पर एक सत्र को संबोधित भी किया.



प्रधानमंत्री ने यात्रा पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली में कहा, ‘‘ मैं वहां वैश्विक निवेशकों के लिए देश में बढ़ रहे व्यापार और निवेश अवसरों के बारे में बताऊंगा. देश 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था (Five Trillion Economy) बनने की दिशा में बढ़ रहा है.’’

अपने दामाद सहित ट्रंप भी होंगे बैठक में शामिल
सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कहा, ‘‘ भारत का युवा हमारी वृद्धि को आगे बढ़ाने वाला है और यह एक कारण है तो भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में खुद से ही शक्ति देगा.’’

बैठक में अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के सलाहकार तथा दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे. कुशनर सम्मेलन में अमेरिका के भविष्य पर विशेष सत्र को संबोधित करेंगे.

सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के 6,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. जॉर्डन (Jordan) के शाह अब्दुल्ला, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो, नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी, केन्या के राष्ट्रपति यूहुरु केन्याता और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन मंच को संबोधित करेंगे. दुनिया के कई देशों के बैंकर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश और मनोरंजन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.

व्यापार में भारत का चौथा सबसे बड़ा भागीदार है सऊदी अरब
सऊदी अरब ने पिछले महीने कहा था कि वह भारत में तेल-गैस (Oil-Gas), पेट्रोरसायन, कृषि, खनिज और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर के निवेश के अवसर तलाश रहा है. 2017-18 में दोनों देशों के बीच 27.48 अरब डॉलर का आपसी व्यापार हुआ था. सऊदी अरब व्यापार में भारत का चौथा सबसे बड़ा भागीदारी है.

मंगलवार को जिन 23 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, उनमें SAGIA और भवन निर्माण में काम आने वाली ढलाई की गई सामग्री बनाने वाली कंपनी मॉड्यूलर मिडिल ईस्ट के बीच 70 करोड़ डॉलर का एक समझौता शामिल है. चीन (China) की ऑनलाइन खरीदारी कंपनी फॉरडील और एसएजीआईए के बीच 30 करोड़ डॉलर और लंदन की शिलॉह मिनरल्स और SAGIA के बीच 20 करोड़ डॉलर का भी अहम समझौता भी हुआ है.

भारत और सऊदी के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग को लेकर हुआ समझौता-
1. डिफेंस उद्योग में आपसी सहयोग
2. हवाई सेवाओं को लेकर समझौता
3. अक्षय ऊर्जा
4. मेडिकल उत्पादों का रेग्युलेशन
5. मांग में रहने वाली दवाओं और मादक पदार्थों का उत्पादन
6. सऊदी अरामको (Saudi Aramco)
7. दोनों देशों की कूटनीतिक संस्थाओं
8. रीटेल आउटलेट्स को लेकर अल जेरी और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बीच
9. स्टॉक एक्सचेंज को लेकर
10. हज से जुड़े सहयोग को लेकर
11. रूपे कार्ड को लेकर

सऊदी का कहना है कि वह भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. हालांकि भारत ने कहा है कि हम किसी निश्चित रकम का वादा नहीं करते लेकिन हमें निवेश में उछाल आने के आसार हैं.

इस दौरान किंग सलमान ने पीएम मोदी (PM Modi) को उनकी लोकसभा चुनावों की जीत पर बधाई भी दी है. प्रधानमंत्री ने भी अरामको (Aramco) पर अटैक के बाद भी निर्बाध तेल सप्लाई के लिए सऊदी अरब को धन्यवाद कहा. प्रधानमंत्री ने हर तरह के आतंकवाद की आलोचना की.

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First published: October 29, 2019, 9:05 PM IST
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