लापता पत्रकार खशोगी के मुद्दे पर बातचीत के लिए तुर्की पहुंचा सऊदी प्रतिनिधिमंडल

पत्रकार के लापता होने को लेकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच विवाद पैदा हो गया है.

भाषा
Updated: October 12, 2018, 11:03 PM IST
लापता पत्रकार खशोगी के मुद्दे पर बातचीत के लिए तुर्की पहुंचा सऊदी प्रतिनिधिमंडल
खाशोगी की फाइल फोटो
भाषा
Updated: October 12, 2018, 11:03 PM IST
पिछले हफ्ते इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के बाद लापता हुए पत्रकार जमाल खशोगी के मुद्दे पर बातचीत के लिए एक सऊदी प्रतिनिधिमंडल तुर्की पहुंचा है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

पत्रकार के लापता होने को लेकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच विवाद पैदा हो गया है. यह विवाद बढ़ने के बीच वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि तुर्की के पास दूतावास के भीतर की रिकॉर्डिंग है जिससे उसका दावा साबित होता है कि खशोगी को दूतावास में यातना दी गई और फिर उनकी हत्या कर दी गई.

खशोगी मामले पर तुर्की और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास आने की आशंका है. इससे ऐसे समय में सऊदी अरब के शाही खानदान और पश्चिमी देशों के साथ इसके संबंध बिगड़ने के आसार हैं. जबकि प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं.

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सऊदी पत्रकार और वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले खशोगी दो अक्टूबर को वाणिज्य दूतावास में दाखिल होने के बाद लापता हो गए थे. वह अपनी आगामी शादी से जुड़े दस्तावेज लेने दूतावास गए थे. तुर्की सरकार के सूत्रों का कहना है कि पुलिस का मानना है कि उनकी हत्या की गई, लेकिन सऊदी अरब ने इससे इनकार किया है.

सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह के अंत में तुर्की के अधिकारियों से मुलाकात कर सकता है. अभी यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल हैं.

तुर्की के शीर्ष नेतृत्व ने सऊदी अरब पर सीधे आरोप तो नहीं लगाए हैं, लेकिन सरकार समर्थक मीडिया ने सनसनीखेज दावे प्रकाशित किए हैं. यह दावा भी किया गया है कि खाशोगी की हत्या के लिए एक हमलावर टीम इस्तांबुल भेजी गई थी.
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सऊदी अधिकारी और ब्रिटेन में सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस मोहम्मद बिन नवाफ अल-सऊद ने बीबीसी को बताया कि रियाद को अपने नागरिकों की चिंता है.

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तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सऊदी अरब से साबित करने को कहा है कि खाशोगी वाणिज्य दूतावास से बाहर निकले थे. एर्दोआन ने सऊदी अरब को चुनौती दी कि वह अपने दावे को सही साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए.

सऊदी स्थित वाणिज्य दूतावास ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे उस दिन काम नहीं कर रहे थे और उसने हत्या के दावों को खारिज करते हुए इसे आधारहीन बताया था.

इस मामले में सऊदी अरब से जवाब मांगने के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सख्त रूख अपनाया है. उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस की उस मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह अपने करीबी सहयोगी सऊदी अरब को होने वाली हथियारों की बिक्री को खतरे में नहीं डालेंगे. अमेरिकी संसद ने इस मामले के समाधान के लिए साफ रूख अपनाने को कहा था.

वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि तुर्की सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया है कि उनके पास ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिससे यह पता चलता है कि खाशोगी के शव को नष्ट किए जाने से पहले दूतावास में कैसे उनसे पूछताछ की गई, यातना दी गयी और फिर हत्या कर दी गई.’

हालांकि, इस बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी तुरंत टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स’ के साथ इंटरव्यू में कहा, 'हम इसे होने नहीं दे सकते. हमारे पास जांचकर्ता हैं, हम तुर्की के साथ काम कर रहे हैं और स्पष्ट रूप से हम सऊदी अरब के साथ भी काम कर रहे हैं.'

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